सुर संगम कला समिति का शारदा पूजन समारोह 23 जनवरी से

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ के चांदनी चौक में धार्मिक कार्यक्रम को यादगार बनाने हुई बैठक

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। कला और संस्कार धानी नगरी रायगढ़ की पुरानी बस्ती में सरस्वती पूजन की विशेष परंपरा है। यही वजह है कि धार्मिक और सामाजिक कार्यों में अग्रणी सुर संगम कला समिति के सदस्यों ने बैठक कर यह तय किया कि 41 वां शारदा पूजन समारोह यादगार रहेगा।

               शहर के पिकनिक स्पॉट इंदिरा विहार में सुर संगम कला समिति के सदस्यों ने वनभोज का आनंद उठाते हुए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। चूंकि, सुर संगम कला समिति के पण्डाल में विराजने वाली सरस्वती माता की प्रतिमा की छटा ही निराली रहती है, इसलिए अध्यक्ष प्रहलाद षड़ंगी ने मूर्ति की गरिमा का ध्यान रखते हुए सहर्ष इसके निर्माण की जिम्मेदारी ली। वहीं, सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 23 जनवरी को वीणा वादिनी की मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति स्थापना होगी। पांच दिवसीय पूजा-अर्चना के पश्चात 28 जनवरी को माताजी की विधिवत विदाई करते हुए धूमधाम से प्रतिमा का विसर्जन होगा। इस दौरान भजन कीर्तन भी होंगे। आज की बैठक में प्रहलाद षड़ंगी, पोषण लाल पटवा, शैलेष नामदेव, सुनील नामदेव, प्रकाश नामदेव, संदीप नामदेव, शरद नामदेव, विवेक थवाईत, अरुण नामदेव, नवल नामदेव, राकेश नामदेव, प्रमोद नामदेव, राहुल थवाईत और प्रफुल्ल नामदेव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

   गौरतलब है कि अविभाजित मध्यप्रदेश के सन 1986 में युवराज हटरी, चांदनी चौक के कुछ बच्चों ने सरस्वती पूजन की शुरुआत की थी, तब से लेकर अबतक 6 बार श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के धार्मिक आयोजन से पुरानी बस्ती का वातावरण कृष्णमय होते रहा है। बहरहाल, सुर संगम कला समिति के 41 वें शारदा पूजन समारोह को भव्यता देने के लिए सभी सदस्य तन, मन और धन से सहयोग देने के लिए संकल्पित हैं।

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