नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग के पोर्टल पर राष्ट्र स्तरीय सेमिनार की रश्मि वर्मा बनीं साक्षी

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। “शिक्षा में समावेशन चुनौतियां और समाधान” विषय पर नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग के पोर्टल पर गत 31 मार्च को राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन मेंटोर के रूप में सुश्री के .शारदा के द्वारा किया गया।

           यह सेमिनार समावेशी शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है इस बात पर केंद्रित रहा। इस सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों के जिलों के शिक्षकों की उपस्थिति के साथ छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षकों को अतिथि शिक्षक के रूप में व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया। सेमिनार में समावेशी शिक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका और इस सेमिनार की मेंटोर सुश्री के. शारदा (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खेदामारा दुर्ग) ने करते हुए कहा कि हर बच्चे को शिक्षा का समान अधिकार है। समावेशी शिक्षा का उद्देश्य सभी प्रकार की बाधाओं को दूर कर एक समान और सुलभ शिक्षा प्रदान करना है।
                         “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और समावेशी शिक्षा” इस विषय पर प्रीति शांडिल्य (एनपीएस कोलियारी जिला धमतरी) ने प्रकाश डाला। दिव्यांग बच्चों के लिए परीक्षा में छूट और विशेष प्रावधान रिंकल बग्गा (सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला धरमपुर बागबाहरा) ने विचार प्रकट किए। समावेशी शिक्षा के लिए आईसीटी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का योगदान क्या हो सकता है, इस विषय पर समीक्षा गायकवाड़ (सेजेस राजिम जिला गरियाबंद) ने भी विचार व्यक्त किया।

          वहीं, शिक्षकों का प्रशिक्षण – समावेशी शिक्षा के लिए आवश्यक कौशल इस विषय पर श्रीमती रश्मि वर्मा (व्याख्याता स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय चक्रधर नगर रायगढ़) ने विचार व्यक्त किए। दिव्यांग बच्चों के लिए कला और संगीत चिकित्सा का प्रयोग इस विषय पर धर्मानंद गोजे शासकीय प्राथमिक शाला पाठकपुर जिला सूरजपुर ने अपने विचार व्यक्त किया। इस सेमिनार में छत्तीसगढ़ राज्य के अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों के शिक्षक भी उपस्थित रहे।

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