Home राजनीतिक राहुल और तेजस्वी को नहीं है मां, मानुष, मिट्टी की समझ : अरुणधर दीवान

राहुल और तेजस्वी को नहीं है मां, मानुष, मिट्टी की समझ : अरुणधर दीवान

by SUNIL NAMDEO

प्रधानमंत्री मोदी की स्वर्गीय मां पर अपमानजनक टिप्पणी पर जिला भाजपा अध्यक्ष का पलटवार

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। बिहार चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सौ वर्षीय दिवंगत मां पर की अपमानजनक टिप्पणी से क्षुब्ध जिला भाजपाध्यक्ष अरूणधर दीवान ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल तेजस्वी एवं उनकी सहयोगियों को मां मानुष मिट्टी की समझ नहीं है। राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सत्ता पाने के लिए इस तरह की प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माता को लेकर अपमान जनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं हो सकती है।

    श्री दीवान ने स्वर्गीय सुषमा स्वराज के सांसद में दिए उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था विपक्षियों को शत्रु समझने की भूल ना करे। दलीय प्रतिबद्धता की वजह से आपके हमारे विचारों के मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजनैतिक दलों से जुड़े लोगों के मध्य शत्रुता नहीं होनी चाहिए। जिला भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मां की कोख में सृष्टि का सृजन पलता है और सभी मां का सम्मान करना हर नेता का प्रथम कर्त्तव्य है। राजनीति से जुड़े लोगों को सभी माताओं का सम्मान करना चाहिए तभी समाज के लोग उसका अनुकरण कर सकेंगे। अरुणधर दीवान ने विपक्ष के नेताओं को भाषा की मर्यादा की सीमाओं का ध्यान देने की नसीहत देते हुए कहा कि मां का सम्मान करना प्रकृति का सम्मान करना है। ना केवल अपनी मां, बल्कि सभी की मां का सम्मान करना नेताओं का राजधर्म है और राजनीति करने वाले नेताओं को इसे पूरी शिद्दत से निभाना चाहिए।

   राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष अरूणधर दीवान ने कहा कि राजनीति में सत्ता पाने के लिए ऐसी ओछी टिप्पणी आज से पहले कभी नहीं देखी गई। वोट पाने के लिए राहुल तेजस्वी द्वारा साथ मिलकर निकाली गई यात्रा ने अपमान, घृणा और स्तरहीनता की सारी सीमाएं पार कर चुकी है। तेजस्वी तथा राहुल संभावित हार से हताश हो चुके है और अपनी सभाओं में प्रधानमंत्री मोदी की स्वर्गीय माताजी को गाली दिलवा रहे हैं। बिहार की इस धरती से ज्ञान मूर्ति चाणक्य पैदा हुए। इसी धरती से ज्ञान के स्त्रोत्र भगवान बुद्ध ने जन्म लिया। बिहार की यह धरती देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए ज्ञान के स्त्रोत के रूप में प्रसिद्ध है। भाषा की शालीनता और मर्यादा ने इस धरती से जन्म लिया, लेकिन सत्ता पाने की चाह ने राहुल गांधी उनके साथी तेजस्वी यादव ने इस संस्कृति को कलुषित कर दिया। इस धरती से एक चुने हुए प्रधानमंत्री की सौ वर्षीया दिवंदत माताजी के लिए अपमानजनक टिप्पणी कर कांग्रेस तेजस्वी ने बिहार के मतदाताओं का अपमान किया है। वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे के जरिए सत्ता हथियाने का स्वप्न देखने वाले सत्ता नहीं मिलने की आशंका को देख अब गाली-गलौज पर उतर आए हैं। बिहार की जनता प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माता का अपमान करने वालो को माफ नहीं करेगी।

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