क्रांतिकारी नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उद्योग पतियों से लेकर शासन और प्रशासन पर निकाली भड़ास
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रायगढ़ के क्रांतिकारी नेता राधेश्याम शर्मा ने पत्रकारवार्ता लेकर शासन और प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली। उद्योगपतियों पर अपने शब्दबाण से आग लगाते हुए उन्होंने यहां तक कह दिया कि छत्तीसगढ़ में कानून और संविधान का जब कोई पालन ही नहीं कर रहा तो ऐसी स्थिति में यहां तो राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।
शहर के होटल जानकी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने कहा कि रायगढ़ की स्थिति विषम है। संविधान और कानून से लेकर वन, पर्यावरण नियमों का पालन नहीं हो रहा। दुखद विषय है कि अंधाधुंध औद्योगिकरण ने सबकुछ बदल दिया। शासन और प्रशासन अब भयभीत होकर उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतलियां बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि मैं पत्रकार जगत की शरण मे हूं। महामहिम द्रौपदी मुर्मू से मांग है कि अब छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू हो, तभी सही मायने में यहां की जनता की रक्षा होगी।
क्रांतिकारी नेता राधेश्याम शर्मा ने आगे कहा कि विधिक प्रक्रिया के तहत कोई भी जंगल नहीं काटे गए। छ्ग बनने के बाद एक भी जनसुनवाई कानून सम्मत तरीके से नहीं हुई। तमनार कांड में पुलिस ने सुनियोजित तरीके से बल प्रयोग करते हुए कई बेगुनाहों का अपहरण तक किया। और तो और पुलिस और उद्योग प्रबंधन के सांठगांठ से आगजनी की घटना हुई। एक व्यक्ति की मौत भी हुई, मगर किसी पर अपराध दर्ज नहीं हुआ। दुर्भाग्य है कि छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार धड़ल्ले से विधि विपरीत हो रहा है। कानून और संविधान का रत्तीभर पालन नहीं हो रहा, उसे मैं राष्ट्रद्रोह मानता हूं। न्याय पालिका मौन है। छ्ग के मुख्य न्यायाधीश नाटक कर रहे हैं।
श्री शर्मा ने यह आरोप भी लगाया कि रायगढ़ पुलिस न्यायालय से भी ऊपर रहकर कार्य कर रही है। तमनार कांड में एसपी को निलंबित कर दोषियों को जेल भेजना था, मगर न्यायाधीश ने ऐसा नहीं किया। आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संज्ञान लेकर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू करें, तब कहीं जाकर हालात में सुधार हो सकता है अन्यथा भगवान मालिक है। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय को संविधान का ज्ञान नहीं है तो रायगढ़ विधायक और वित्तमंत्री ओपी चौधरी अपनी कार्यशैली से अपने पूर्वजों को शर्मशार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता को मंत्री ओपी चौधरी को खदेड़ना चाहिए।




