पुसौर के जामपाली में बह रही भागवत कथा की रसधार
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। जिला के पश्चिमांचल स्थित ग्राम पुसौर विकास खण्ड के जामपाली (गोर्रा) में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन बीच बस्ती मोहल्ले में गत 4 से 11 मार्च तक पं. प्रेमशंकर पाण्डेय के व्यासत्व में चल रहा है। प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा के अलग-अलग कथा प्रसंग एवं भगवान की लीला का संगीतमय वाचन कथा व्यासपीठ से प्रेमशंकर पाण्डेय करते हुए लोगों को धर्म का मर्म समझा रहे हैं। ।
भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पंचम दिवस भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के वस्त्र हरण एवं विभिन्न बाल लीलाओं के साथ गोवर्धन पर्वत धारण की कथा का व्याख्यान किया गय। वहीं इन कथाओं के भीतर छिपी रहस्य लोकमानस के लिए संदेश का भी व्याख्यान किया गया। निर्वस्त्र होकर स्नान करती गोपियों को भगवान संदेश देते हैं कि जल में वरूण देवता का वास होता है। अतः नग्नावस्था में स्नान करना उचित नहीं है। इसी प्रकार माँ यशोदा द्वारा भगवान कृष्ण को बांधने के पीछे का रहस्य को बताते हुए स्पष्ट किया गया कि माया और ब्रम्ह के बीच चार अंगुल की दूरी सांसारिक तत्वों से जुड़े रहने पर हम ईश्वर को बांध नहीं सकते, यही इसका संदेश है। भगवान प्रेमभाव एवं समर्पण से ही प्राप्त हो सकते हैं।
पंचम दिवस कथा व्यास पर विराजे प्रेमशंकर पाण्डेय का विशेष सम्मान राधेश्याम दुबे (पुटकापुरी) ने अपने वक्तव्य के माध्यम से किया। वहीं, तारापुर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य भोजराम पटेल ने अपने गांव के बेटे की व्यास पीठ पर कथा वाचन को गर्व का विषय बताते हुए व्यासपीठ के साथ आयोजकों को भी धन्यवाद दिया। भागवत कथा में यज्ञाचार्य पुरोहित के रूप में सोमेश त्रिपाठी (गोर्रा), प्रमोद त्रिपाठी, भगवान प्रसाद पाण्डेय की भी सहभागिता है।
संगीतकारों की टीम बना रही कथा को रसमय
भागवत कथा में छोटू डनसेना कलमी की संगीत टीम द्वारा पार्श्व संगीत एवं गीत संगीत की प्रस्तुति देकर कथा को रसमय बना रहे हैं। कथा श्रेताओं में नारी शक्ति की विशाल उपस्थिति के साथ गजामपाली के आसपास से भारी संख्या में कथा प्रेमी श्रद्धालु जनों की उपस्थिति देखी जा रही है।