नपं में तालाबंदी मामले में नया मोड़ : बीजेपी ने कांग्रेस की नाकामी पर उठाया सवाल

by SUNIL NAMDEO
0 comment
img-20260221-wa01799122518692518146593.jpg
previous arrow
next arrow

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। घरघोड़ा नगर पंचायत में कांग्रेस नेता सुरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में तालाबंदी के बाद भाजपा ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक विफलताओं को छिपाने का प्रयास करार दिया। भाजपा मंडल अध्यक्ष सहनु पैकरा, मंडल महामंत्री राजेश पटेल, पूर्व नपं अध्यक्ष विजय शिशु सिन्हा, पार्षद रितेश शर्मा, आरती विजय जयसवाल, पूनम चौहान ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस अध्यक्ष और उनके समर्थकों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। भाजपा ने कांग्रेस की कार्यशैली पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि डेढ़ साल के कार्यकाल में नगर पंचायत का विकास ठप्प पड़ा है और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।

भ्रष्टाचार और निलंबन के आरोप

                          भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यकाल में नगर पंचायत में भ्रष्टाचार व्याप्त हो गया है। इसके परिणामस्वरूप अब तक सीएमओ समेत छह कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया, यह निलंबन यह दर्शाता है कि नगर पंचायत के भीतर कितना भ्रष्टाचार है और अब इसका खामियाजा नगर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व में नगर की बुनियादी सुविधाएं तक अवरुद्ध हैं और प्रशासनिक स्तर पर अराजकता फैल गई है।

अधूरे प्रोजेक्ट और विकास की रुकावटें

     भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 94 लाख रुपये की लागत से बनने वाले छोटे मुड़ा तालाब और उससे लगकर 14वें वित्त आयोग से 23 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नाली का कार्य आज अधर में है। अध्यक्ष की हठधर्मिता के कारण उक्त तालाब में किये कार्यो का ठेकेदारों को भुगतान तक नहीं हुआ, जिसके कारण पूरा तलाब जलकुंभी से भर गया। यहाँ तक कि इससे लगे बगमुड़ा तालाब जो नगर का ह्रदय माना जाता है, वहां भी जलकुंभी पैर पसार चुका है और कुछ ही समय में यह भी निस्तारी योग्य नहीं रहेंगे, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर यह काम अधूरा रह गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, भाजपा नेताओं ने इस पर सवाल उठाया है। इसके अलावा, भाजपा ने कहा कि प्लेसमेंट ठेका पिछले डेढ़ साल से नहीं हुआ है, जिसके चलते कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की हठधर्मिता का परिणाम बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा आम कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

वेतन और खर्च को लेकर गंभीर आरोप

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निकाय की राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, निकाय मद की राशि, जिसका इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन और बुनियादी कार्यों के लिए होना चाहिए था, उसे जून महीने में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए एसी खरीदने पर खर्च कर दिया गया। भाजपा ने इसे नगर पंचायत की निधियों का व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल बताया और कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में नगर पंचायत के संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। इसके विपरीत, भाजपा ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरकार में करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए। सांसद राधेश्याम राठिया के 6 माह के कार्यकाल के भीतर 97 लाख रुपये की लागत से मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स की मंजूरी शामिल है। भाजपा नेताओं ने कहा कि उनकी सरकार विकास की पक्षधर है और कांग्रेस की तरह राजनीति को विकास में बाधा नहीं बनने देती।

अपने वार्ड में फूटी कौड़ी का कार्य नहीं कराने वाले को कुर्सी में बैठने का हक नहीं

         भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष पर व्यक्तिगत हित साधने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उनमें जरा सी भी ईमानदारी बची है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। जो अध्यक्ष अपने ही वार्ड में एक फूटी कौड़ी का काम नहीं कराया, जो उनकी नाकामी का सबूत है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस नेता जनता के हितों की बात कर रहे हैं, जबकि पिछले डेढ़ साल में विकास कार्यों को दरकिनार कर दिया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि जनता जानती है कि एक माह के भीतर नगरीय निकाय चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो जायेगी और डेढ़ साल से नपं अध्यक्ष की कुर्सी सम्हाल रहे सुरेंद्र चौधरी अब अपने कुम्भकर्णी नींद से जागकर आंदोलन करते हुए अपनी नाकामियों पर पर्दा डाल रहे है और नगर की जनता आने वाले चुनाव में इन्हें सबक भी सिखाएगी।

You may also like

Leave a Comment