धान खरीदी में लापरवाही पड़ी भारी, लिबरा के सहायक समिति प्रबंधक ओर गिरी निलंबन की गाज

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था में कोई भी लापरवाही, अनियमितता या उदासीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों को प्रभावित करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की कड़ी निगरानी में जिले के धान उपार्जन केंद्रों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में धान खरीदी कार्य में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर सेवा सहकारी समिति मर्यादित लिबरा के सहायक समिति प्रबंधक आनंद कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
          उप आयुक्त सहकारिता ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की केंद्रवार मॉनिटरिंग एवं सतत निगरानी हेतु कलेक्टर के निर्देष पर जिला स्तरीय अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। सहकारिता विस्तार अधिकारी विकासखंड लैलूंगा द्वारा धान खरीदी केंद्र लिबरा का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया कि सहायक समिति प्रबंधक आनंद कुमार पटेल द्वारा शासन के निर्देशानुसार धान की खरीदी नहीं की जा रही थी तथा धान खरीदी कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरती जा रही थी, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।

                        प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके कारण धान खरीदी के कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उल्लेखनीय है कि 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अर्थात् खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि के लिए धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट 1979) लागू किया गया है। इसके बावजूद कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है।

    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और किसानों के हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आगे भी धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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