सिवनी के एक्सपोज़र विजिट में 18 लाभार्थियों ने लिया भाग
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अडानी पॉवर लिमिटेड, रायगढ़ की सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) शाखा अडानी फाउंडेशन ने जांजगीर–चांपा जिले के ग्राम सिवनी में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कोर एवं परिधीय ग्रामों से जुड़े मशरूम उत्पादन में संलग्न 18 लाभार्थियों ने भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को व्यवहारिक ज्ञान, सफल मॉडल और बाजार की समझ प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना था।
भ्रमण के दौरान लाभार्थियों ने सिवनी निवासी ध्वजाराम साहू के निवास का दौरा किया। श्री साहू एकीकृत मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में एक सफल उदाहरण हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीकी समझ, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के माध्यम से मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी उद्यम के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने लाभार्थियों को मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें कच्चे माल की तैयारी, तापमान एवं नमी प्रबंधन, स्वच्छता, समय पर कटाई और उत्पादन चक्र का महत्व शामिल था। श्री साहू ने बताया कि सही तकनीक और नियमित देखभाल अपनाने से मशरूम उत्पादन एक स्थायी आय का स्रोत बन सकता है।
इस भ्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बिलासपुर स्थित मशरूम लैब के संचालक उत्तम पटेल के साथ संवाद रहा। उन्होंने मशरूम उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण, ड्राई प्रोसेसिंग और मार्केटिंग से जुड़ी अहम जानकारियाँ साझा कीं। श्री पटेल ने बताया कि मशरूम को वैज्ञानिक विधि से सूखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे खराब होने की समस्या कम होती है और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सूखे मशरूम की मांग शहरी क्षेत्रों, होटल और रेस्टोरेंट में लगातार बढ़ रही है। सही पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क के माध्यम से ग्रामीण उत्पाद बड़े स्तर पर पहचान बना सकते हैं। यह जानकारी लाभार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी रही, क्योंकि इससे उन्हें मूल्य संवर्धन के नए अवसरों की समझ मिली।
अडानी फाउंडेशन के इस एक्सपोज़र विज़िट का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को यह एहसास कराना था कि मशरूम उत्पादन केवल एक सहायक गतिविधि नहीं, बल्कि एक पूर्ण व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है। उचित रणनीति, तकनीकी प्रशिक्षण, मूल्य संवर्धन और मजबूत बाजार संपर्क के माध्यम से ग्रामीण युवा और महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस भ्रमण से उन्हें नई सोच, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की स्पष्ट दिशा मिली है। यह एक्सपोज़र विज़िट ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायक पहल साबित हुई। गौरतलब है कि अडानी फाउंडेशन पिछले चार वर्षों से महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए प्रयासरत है और इस वर्ष भी 100 महिलाओं को मशरूम उत्पादन हेतु सहायता प्रदान कर रहा है।




