Home क्राईम न्यूज बीवी को मौत के घाट उतारकर मियां था फरार, 18 रोज के बाद हुआ गिरफ्तार

बीवी को मौत के घाट उतारकर मियां था फरार, 18 रोज के बाद हुआ गिरफ्तार

by SUNIL NAMDEO

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। शहर की कोतरा रोड पुलिस ने पत्नी की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी भीखम दास महंत उर्फ भीखो उर्फ विक्रम (उम्र 40 वर्ष) निवासी बालमगोड़ा को घेराबंदी कर पकड़ लिया है। आरोपी को कल केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास दबोचा गया। बताया गया कि आरोपी अपनी पत्नी की हत्या कर फरार था और तब से पुलिस उसकी तलाश में थी।

               मामला 10 अगस्त 2025 का है, जब थाना कोतरारोड़ अंतर्गत ग्राम बालमगोड़ा से एक महिला (40 वर्ष) को संजीवनी 108 एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन उसकी मौत हो गई। इस संबंध में थाना चक्रधरनगर से बिना नंबर मर्ग डायरी मिलने पर कोतरा रोड पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान ग्रामवासियों ने बताया कि भीखम दास महंत करीब छह माह पहले महिला को अपने साथ लाकर पत्नी के रूप में रखने लगा था और आए दिन उससे विवाद कर मारपीट करता था। वह महिला को रेल्वे स्टेशन के पास से लेकर आना बताया था जिसके बारे में और जानकारी नहीं थी, कई बार गांव के लोगों ने भीखम को समझाया, लेकिन वह अपनी आदत से बाज नहीं आया।

             करीब एक माह पहले भी उसने पत्नी से मारपीट की थी। 7 अगस्त की रात भीखम दास ने महिला को बेरहमी से पीटा था, उस समय उसके सिर में गंभीर चोट और हाथ जल जाने से फफोले हो गए थे। महिला की बिगड़ती हालत को देखकर ग्रामीणों ने अस्पताल ले जाने की बात कही तो आरोपी महिला को एक परिचित के घर के पास छोड़कर भाग निकला था। गांव वालों ने एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजिवाया, इलाज के दौरान 10 अगस्त को महिला की मौत हो गई। पीएम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत लगातार मारपीट और हाथ को आग से जलाने से हुई गंभीर चोट एवं संक्रमण के कारण हुई है। इसके आधार पर 13 अगस्त को आरोपी भीखम दास महंत के खिलाफ थाना कोतरा रोड में धारा 103 (1) बीएनएस दर्ज किया गया।

               चूंकि, घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिसे थाना प्रभारी कोतरा रोड निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त्य एवं हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।

You may also like