रायगढ़ (सृजन न्यूज)। ग्राम बुलांकी में मानवीय जागृति सेवा संस्थान गोर्रा रायगढ़ के तत्वावधान में सुखी-समृद्ध परिवार से सुखी-समृद्ध विश्व परिवार बनाने के लिए जीवन विद्या (प्रणेता – ए. नागराज) की रोशनी में जन संवाद सभा का आयोजन किया गया।
इस सभा में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के मुख्य प्रबोधक एवं शिक्षाविद् सोमदेव त्यागी ने बताया कि आज हम अपने गाँव परिवारों से बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के विद्यालय-महाविद्यालय भेजते हैं। बच्चे वहां से पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, नेता, अभिनेता तक बन रहे हैं, लेकिन परिवार समाज में इसकी उपयोगिता सिद्ध नहीं हो रहा है। मतलब व्यक्ति परिवार में सुख और समृद्धि के साथ जी नहीं पा रहा है। जब हम शिक्षा केंद्रों में एक अच्छा इंजीनियर, डॉक्टर बना सकते हैं तो शिक्षा के माध्यम से एक अच्छा इंसान क्लासरूम में क्यों नहीं बना पा रहे हैं ये बहुत गंभीर मुद्दा है। इसे हमें अपने परिवार और ग्राम सभा से विश्व परिवार सभा तक जनसंवाद के माध्यम से पहुंचाने की महती आवश्यकता है । इस गंभीर समस्या का समाधान भी उन्होंने बताया कि शिक्षा के माध्यम से ही यह संभव है कि प्रत्येक मानव समझदार होने के साथ सुखी और समृद्ध हो सकता है। इसे व्यवहार में लाने के लिए शिक्षा में चेतना विकास मूल्य शिक्षा को लागू करना मानव के लिए अनिवार्य हो गया है। इसकी जिम्मेदारी प्रत्येक मानव, समाज और शासन के ऊपर है।
इस क्रम में अमेरिका से टिशू कल्चर में पीएचडी किए और कृषि वैज्ञानिक रहे डॉ. संकेत ठाकुर ने चेतना विकास मूल्य शिक्षा शिविर (जीवन विद्या शिविर) और अध्ययन शिविर पर भी बल देते हुए कहा कि यह शिविर हमें समझदार, ईमानदार, जिम्मेदार व भागीदारी करने वाला अच्छा इंसान बनाता है। आज शिक्षा का स्तर जितना बढ़ा है, घर-परिवारों में सम्बन्धों में उतनी दूरी बढ़ा है। पैसा ज्यादा कमाने से भी अपनों के बीच सुख और परिवारों में समृद्धि नहीं आयी। इन सभी का कारण शिक्षा की गुणवत्ता में कमी को बताया। इसकी आपूर्ति मानवीय शिक्षा (चेतना विकास मूल्य शिक्षा) ही कर पाएगा। इसमें शिष्टता पूर्ण दृष्टि का उदय होने की प्रक्रिया संभव है। इसी प्रक्रिया को शुरू करने और जहां शुरू हो गया है, उसे आगे बढ़ाने के लिए यह जनसंवाद सभा सहज गोष्ठी का आयोजन किया गया है।
इस आयोजन में विशेष अतिथि, शिक्षाविद् सोमदेव त्यागी, श्रीमती निताशा त्यागी मानवीय शिक्षा शोध संस्थान हापुड़ दिल्ली, कृषि वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर, शुभ्रा ठाकुर मानवीय शिक्षा शोध संस्थान छोटी दुर्ग, गेंदालाल कोकड़िया शिक्षक, श्रीमती राखी पटेल, रागेश्वर पटेल मानवीय शिक्षा शोध संस्थान तेंदुवाही पटेवा, जिला महासमुंद, ग्राम बुलांकी सहित आसपास के गांवों (गोर्रा, जतरी, पुटकापुरी, पुसल्दा आदि) के बाशिंदे, सरपंच, जनप्रतिनिधि (श्रीमती हेमलता चौहान जनपद अध्यक्ष पुसौर), प्रशासनिक अधिकारी (हरिशंकर चौहान ज्वॉइन कमिश्नर अंबिकापुर) और रायपुर जिले के व्याख्याता केके साहू, श्रीमती गौरी साहू तथा मानवीय जागृति सेवा संस्थान गोर्रा रायगढ़ के सभी जीवन विद्या अध्ययनशील परिवार समूह भी शामिल हुए। इस प्रकार लगभग 95 लोगों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।