रायगढ़ में कचरे से बनेगी ऊर्जा : बायोगैस प्लांट के लिए हुई संयुक्त बैठक

by SUNIL NAMDEO
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बायोगैस प्लांट दो वर्षों में पूर्ण होगा प्रोजेक्ट

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से बायोगैस प्लांट स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन, गैल इंडिया लिमिटेड, क्रेडा तथा अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में बायोगैस प्लांट की रूपरेखा, तकनीकी पहलुओं और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
       बैठक के दौरान दिल्ली से पहुंचे गैल इंडिया लिमिटेड के रीजनल मैनेजर के नेतृत्व में आई टीम ने कार्यपालन अभियंता श्री अमरेश लोहिया के समक्ष पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बायोगैस प्लांट की पूरी कार्यप्रणाली, क्षमता, लागत, संचालन व्यवस्था तथा इससे होने वाले पर्यावरणीय और आर्थिक लाभों की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि शहर से निकलने वाले गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उससे बायोगैस और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
         बैठक के पश्चात संयुक्त टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया गया। नगर निगम, गैल इंडिया लिमिटेड, क्रेडा और अडानी ग्रुप के अधिकारियों ने केआईटी कॉलेज के पीछे गढ़उमरिया क्षेत्र में प्रस्तावित स्थान का मौके पर जाकर अवलोकन किया और वहां की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग तथा प्लांट स्थापना की संभावनाओं का आकलन किया। निगम कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि शहर में कचरा प्रबंधन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बायोगैस प्लांट एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण होगा और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
                 महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि शहर के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए निगम लगातार प्रयास कर रहा है। बायोगैस प्लांट स्थापित होने से कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा, साथ ही इससे ऊर्जा उत्पादन भी संभव हो सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह परियोजना शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बायोगैस प्लांट की स्थापना में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा। परियोजना शुरू होने के साथ ही शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक बनाया जा सकेगा।

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