वित्तमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इंसाफ की लगाई गुहार
रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। छत्तीसगढ राज्य दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर जन कल्याण संघ ने रायगढ विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को बातों का ज्ञापन दिया। यही नहीं, उन्होंने रजिस्ट्री प्रक्रिया में होने वाले बदलाव के विरोध में 18 सितंबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान भी किया है।
समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि आने वाले समय में सभी प्रकार के दस्तावेज का पंजीयन सुगम मोबाईल एप के माध्यम से पक्षकारों के द्वारा बिना आफिस आये घर बैठे, बिना गवाहों के कैशलेस, पेपरलेस एवं फेश लेस किया जा सकेगा । दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर वर्षों से इस व्यवसाय से जुडे हुए है तथा पक्षकारों किसानों को शासन को अपनी सेवा देते हैं। उक्त व्यवसाय हमारे तथा हमारे परिवार के आजीविका का एकमात्र साधन है जिससे हमारा घर चलता है। पंजीयन में उक्त प्रकार की व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के करीब 10 से 12 हजार दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर बरोजगार हो जावेगें।
ज्ञापन में इसके अलावा जन सामान्य को यह स्पस्ट करना उचित होगा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रजिस्ट्री नियम में बदलाव करते हुए मोबाइल ऐप से रजिस्ट्री करने का योजना बनाई जा रही है जिसमें फेशलेस, पेपरलेस एवं कैशलेस पद्धत्ति से रजिस्ट्री किये जाने की योजना है। इसमें दस्तावेज लेखक बेरोजगार तो होंगे ही, इसके साथ ही रजिस्ट्री में बहुत सारी परेशानी भी होगी क्योंकि पंजीयन कार्यालय एवं राजस्व विभाग का एक दूसरे से लिंक जुड़ा है, लेकिन राजस्व विभाग में अभी भी ऑनलाइन में कई त्रुटियां है। जैसे नाम में त्रुटि, व्यक्तियों के आधार कार्ड में अलग नाम, राजस्व अभिलेख में अलग नाम, नक्शा बटांकन नहीं होना, पर्ची में गलत इंद्राज होना ऐसे कई त्रुटि है जिसे वर्तमान रजिस्ट्री नियम के तहत दस्तावेज लेखकों के द्वारा सुधार करने के लिए क्रेता–विक्रेता को सलाह दी जाती है।
दस्तावेज लेखको की नहीं होने पर कई त्रुटियां का समाधान क्रेता विक्रेता नहीं कर पाएंगे। प्रत्येक क्रेता और विक्रेता मोबाइल ऐप का, राजस्व विभाग के ऑनलाइन का, पंजीयन विभाग के ऑनलाइन का, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एवं मतदाता परिचय पत्र, ऑनलाइन बैंकिंग की प्रक्रिया ये सभी लिंक एक साथ जोड़े जाने पर मोबाइल एप से रजिस्ट्री हो पाएगी, ये सभी लिंक की जानकारी बहुत ही कम व्यक्ति रखते हैं। इस प्रकार मोबाइल ऐप से रजिस्ट्री होने से बहुत ही परेशानी होगी और गलत रजिस्ट्री होने की प्रबल आशंका रहेगी । छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा रोजगार देने की बातें कही जा रही है, लेकिन यहां सन 1899 (126 वर्षों से) दस्तावेज लेखकों के द्वारा अपनी सेवा कई आधुनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आम जनता को सेवा प्रदान कर रहे हैं। ऐसे लगभग 8000 दस्तावेज लेखकों को बेरोजगार किया जा रहा हैं।
शासन से अपेक्षा है कि पंजीयन का नियम आधुनिकीकरण करे लेकिन दस्तावेज लेखकों को साथ में लेकर चले, ताकि उन्हें बेरोजगारी का सामना ना करना पड़े । छत्तीसगढ राज्य के समस्त दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर 18,19 एवं 20 सितम्बर को रजिस्ट्री में होने वाले बदलाव के विरोध में हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है। इसके पालन में रायगढ़ के समस्त दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर हडताल में रहेंगे।




