रायगढ़ (सृजन न्यूज)। स्थानीय बच्चों को बेहतर भविस्य बनाने और युवा उम्मीदवारों को मज़बूत बनाने की एक खास कोशिश में NTPC लारा ने आज प्रोजेक्ट से प्रभावित गांवों के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नवोदय विद्यालय एंट्रेंस एग्जाम कॉम्पिटिटिव गाइड देने के लिए एक खास डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम आयोजित किया।
इस इवेंट में चीफ गेस्ट के तौर पर केशव चंद्र सिंघा रॉय (GM, O&M) के साथ जाकिर खान (AGM-HR) और अभिलाष केएस (DGM लॉ/HR) मौजूद थे। कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए NTPC लारा के लगातार प्रयास के तौर पर राष्ट्रीय स्टार पर होने वाले नवोदय विद्यालय की प्रवेशिका परीक्षा की तैयारी में स्टूडेंट्स की मदद के लिए डिज़ाइन की गई स्टडी गाइड सभी उम्मीदवारों को दी गईं।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए केशव चंद्र सिंघा रॉय ने उन्हें फोकस्ड रहने और अपने लक्ष्यों के लिए लगन से काम करने के लिए इंस्पायर किया। उन्होंने उन्हें दिए गए स्टडी मटीरियल का पूरा इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा दिया और एजुकेशनल इनिशिएटिव के लिए NTPC के पक्के सपोर्ट को फिर से कन्फर्म किया।
अपने सम्बोधन में जाकिर खान ने NTPC लारा की चल रही एजुकेशनल इनिशिएटिव के बारे में डिटेल में बताया, और कोशिशों पर ज़ोर दिया। इलाके में एकेडमिक रिसोर्स और सीखने के माहौल को बेहतर बनाना। उन्होंने प्रोजेक्ट से प्रभावित गांवों में एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया और सभी बच्चों के लिए अच्छी क्वालिटी की शिक्षा तक बराबर पहुंच सुनिश्चित करने के NTPC के वादे को दोहराया।
इस प्रोग्राम का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और इसने स्टूडेंट्स, टीचर्स और कम्युनिटी के सदस्यों में उत्साह पैदा किया, जिससे लोकल कम्युनिटी के साथ NTPC का रिश्ता और मजबूत हुआ।
रायगढ़ न्यूज
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: शिरडी, शनि सिंघनापुर और त्रयंबकेश्वर की यात्रा के लिए आवेदन 8 दिसम्बर तक
जिले के 273 तीर्थयात्री 20 से 23 दिसम्बर तक करेंगे यात्रा
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अवसर पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिले के लिए इस माह का तीर्थ स्थल तय कर दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिले के 273 चयनित तीर्थ यात्री 20 से 23 दिसम्बर 2025 तक पवित्र तीर्थस्थलों शिरडी, शनि सिंघनापुर एवं त्रयंबकेश्वर के लिए तीर्थ यात्रा करेंगे। यात्रा के लिए आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित 8 दिसम्बर की शाम 5 बजे तक समाज कल्याण विभाग में आवेदन जमा कर सकते हैं।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक शिवशंकर पांडेय ने बताया कि आवेदकों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। योजना का लाभ वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं तथा छत्तीसगढ़ के निवासी ही प्राप्त कर सकेंगे। निर्धारित संख्या के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के 75 प्रतिशत तथा नगरीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत तीर्थयात्रियों का चयन किया जाएगा। आर्थिक वर्गानुसार 80 प्रतिशत बीपीएल एवं 20 प्रतिशत एपीएल हितग्राहियों का चयन होगा। एपीएल श्रेणी के ऐसे आवेदक स्वीकार्य होंगे जो आयकर दाता न हों एवं जिन्होंने पूर्व में इस योजना का लाभ न लिया हो। वर्तमान या भूतपूर्व शासकीय सेवक तथा गंभीर संक्रामक रोग से पीड़ित व्यक्ति योजना के पात्र नहीं होंगे।
वरिष्ठ नागरिकों एवं दंपत्ति हेतु विशेष प्रावधान 65 वर्ष से अधिक आयु वाले ऐसे आवेदक, जिन्होंने अकेले यात्रा के लिए आवेदन किया है, अपने साथ 21 से 50 वर्ष आयु का एक सहायक ले जा सकेंगे। यदि पति-पत्नी में से किसी एक का चयन होता है, तो जीवन साथी की आयु 60 वर्ष से कम होने पर भी वह उसके साथ यात्रा कर सकेगा, बशर्ते दोनों के आवेदन एक साथ जमा किए गए हों। सहायक या जीवन साथी के साथ यात्रा करने की इच्छा आवेदन में स्पष्ट रूप से दर्शाना आवश्यक है।
प्रतीक्षा सूची और चयन संबंधी नियम
चयनित आवेदक ही यात्रा पर जा सकेंगे। उनकी जगह अनाधिकृत व्यक्ति यात्रा नहीं कर सकेगा। यदि चयनित व्यक्ति यात्रा पर नहीं जाता है, तो केवल प्रतीक्षा सूची में शामिल अगला पात्र आवेदक ही भेजा जाएगा। चयन उपरांत आवेदक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को भेजने का अधिकार नहीं रखेगा।
रायगढ़ में अवैध धान खपाने की जुगत में थे 23 कोचिया और बिचौलिए, 4583 क्विंटल धान जब्त
1 करोड़ 47 लाख का धान बरामद, अब तक 91 प्रकरणों में 5 करोड़ से अधिक की कार्रवाई
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। धान खरीदी प्रणाली को ध्वस्त कर प्रशासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने की तैयारी कर रहे कोचियों और बिचौलियों पर जिला प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कसा है। बीते दो दिनों में रायगढ़, खरसिया, पुसौर, तमनार और धरमजयगढ़ क्षेत्रों में संयुक्त जांच दलों ने अभियान चलाकर 23 कोचियों एवं बिचौलियों से 4583 क्विंटल अवैध धान जप्त किया है। यह जप्त धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक का है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में मैदानी अमले चौबीस घंटे निगरानी कर रहे है। अवैध धान की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। प्रशासन की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से अवैध धान खपाने की कोशिश करने वाले व्यापारियों व बिचौलियों का मंसूबा नाकाम हो गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित होती जा रही है।
कलेक्टर ने साफ कहा है कि किसी भी उपार्जन केंद्र में अवैध धान खपने नहीं दिया जाएगा। अवैध धान भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो दिनों में 23 जगहों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा दो दिवस के भीतर 23 प्रकरण दर्ज कर भारी मात्रा में अवैध धान जप्त किया गया है। इनमें पत्थलगांवखुर्द के सतीश कुमार गुप्ता के यहां 56 क्विंटल, आलोला की ममता गुप्ता के यहां 29.20 क्विंटल, इंदकाली के मंगल बजारे के यहां 48 क्विंटल, इंदकाली के श्रीधर यादव के यहां 6.80 क्विंटल, कछार (रायगढ़) के इंदर पटेल, के यहां 60 क्विंटल, सरिया मड़वाताल के युगल किशोर के यहां 800 क्विंटल, भेण्ड्रा (तमनार) के ललित चौहान के यहां 296 क्विंटल, सुरी (पुसौर) के मनोहर चौहान के यहां 280 क्विंटल, लोहरसिंह (पुसौर) के धरनीधर पटेल के यहां 220 क्विंटल, कुरमापाली (रायगढ़) के नहर पैकरा के यहां 300 क्विंटल, ठाकुरदिया (खरसिया) के लक्ष्मीनारायण यादव के यहां 220 क्विंटल, देहजरी (खरसिया)के शनिराम डनसेना के यहां 190 क्विंटल, धरमजयगढ़ मुख्यालय में गंगा पटेल के यहां 242 क्विंटल, कुरमापानी (रायगढ़) में देवेंद्र पैकरा के यहां 328 क्विंटल अवैध धान शामिल है।
राइस मिलों पर भी कड़ी कार्रवाई, हजारों क्विंटल धान जब्त
औचक निरीक्षण में कई राइस मिलों में अवैध धान भंडारित पाया गया। इनमें मां भगवती एवं श्रीराम राइस मिल, धरमजयगढ़ में 400 क्विंटल, गोयल फूड मिल, रायगढ़ में 550 क्विंटल, बालाजी राइस मिल, देहजरी में 160 क्विंटल और सावित्री राइस मिल, खरसिया में 250 क्विंटल शामिल है। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अबतक 91 प्रकरण – 17,000 क्विंटल धान जब्त
जिला खाद्य अधिकारी चितरंज सिंह ने बताया कि जिले में अबतक 91 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 17 हजार क्विंटल से अधिक धान जप्त, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हक को छीनने वाले और शासन को धोखा देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध धान पर लगाम कसने से उपार्जन केंद्रों में भीड़ कम हुई है। वास्तविक किसान समय पर अपना धान बेच पा रहे है। खरीदी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी हुई है। कोचियों-बिचौलियों की पकड़ कमजोर हुई है। जिले में प्रशासनिक मुस्तैदी लगातार प्रभाव दिखा रही है, और खरीदी व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा।
छग के भांजे राम के दर्शन के लिए रायगढ़ के 102 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रामलला दर्शन योजना से जिले के श्रद्धालुओं के सपने साकार हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में भगवान रामलला का दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस योजना के तहत रायगढ़ जिले से 102 श्रद्धालुओं का 12 वां जत्था बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुआ। इसमें ग्रामीण क्षेत्र से 78 एवं नगरीय क्षेत्र से 24 श्रद्धालु शामिल हैं।
श्रद्धालु को रायगढ़ जिला मुख्यालय से बस के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती का सौभाग्य प्राप्त होगा। श्री रामलला दर्शन योजना का लाभ उठाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास व आवागमन की समुचित व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की गई है।
रायगढ़ से रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं में तीर्थ यात्रा को लेकर विशेष उत्साह एवं आस्था का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस योजना से उनकी वर्षों से संजोया श्री रामलला दर्शन का सपना अब साकार होने जा रहा है। श्रद्धालुओं ने भावुकता के साथ कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने हमें जीवन का अमूल्य अवसर दिया है, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। बचपन से रामायण में रामजन्मभूमि की कहानी सुनते आए थे, लेकिन अब पहली बार उस धरती पर जाने का सौभाग्य मिल रहा है।
क्या है श्री रामलला दर्शन योजना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरुप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में राम मंदिर के निःशुल्क दर्शन का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत, यात्रा, भोजन, आवास, और स्थानीय परिवहन सहित सभी खर्च छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं। लाभार्थियों का चयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित जिले के तहसील या उप-तहसील कार्यालयों में उपलब्ध होते हैं। इस यात्रा पैकेज में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती भी शामिल होती है। यह योजना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।
अमानक धान खपाने की थी तैयारी, लोईंग उपार्जन केंद्र में विवाद, मनोज प्रधान पर हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने जिला प्रशासन ने किसानों से नियमों का पालन करने का किया आग्रह
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। राज्य शासन की धान खरीदी नीति के अनुरूप रायगढ़ जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रगति पर है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर समिति प्रबंधकों द्वारा शासन के मानकों के अनुसार प्रत्येक उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज 3 दिसंबर को लोईंग धान उपार्जन केंद्र क्रमांक 845 में ग्राम महापल्ली के किसान राजेन्द्र कुमार अग्रवाल पिता महेश राम अग्रवाल द्वारा जारी टोकन के माध्यम से दो ट्राली में लगभग 42 क्विंटल खुला धान विक्रय के लिए लाया गया। केंद्र में तैनात जिला प्रशासन के अधिकृत प्राधिकारी द्वारा धान की मानक जांच किए जाने पर वह अमानक गुणवत्ता का पाया गया।
धान की गुणवत्ता अमानक पाए जाने पर समिति प्रबंधन द्वारा कृषक को विनम्रता पूर्वक सूचित किया गया कि ऐसा धान समिति में विक्रय योग्य नहीं है। समझाईश के दौरान केंद्र में मौजूद मनोज प्रधान पिता कालिया प्रधान, निवासी ग्राम लोईंग द्वारा धान प्रक्रिया में संलग्न अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मनोज प्रधान के विरुद्ध बीएनएस के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बंधपत्र निष्पादन की कार्यवाही संपादित की। इस घटना के बाद प्रशासन ने जिले के कृषकों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जा रही है, इसलिए सभी सहयोग प्रदान करें। अमानक धान के विक्रय, प्रक्रियाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप या किसी भी प्रकार के अव्यवहारिक आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। बालपुर वाले वाचस्पति पंडित लोचन प्रसाद पांडेय के नवासे और चौबे खानदान के गौरव डॉ. जवाहर चौबे नहीं रहे। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में उपचार के दौरान बीते दरमियानी रात लगभग सवा 2 बजे उन्होंने सदा के लिए अपनी आंखें मूंद ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे।
29 मई 1947 को शहर की पुरानी बस्ती के सोनार पारा निवासी चौबे परिवार में जन्म लेने वाले जवाहर चौबे शुरू से ही होनहार थे। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए उन्होंने किशोरी मोहन त्रिपाठी कन्या महाविद्यालय के साथ कामर्स कॉलेज रायगढ़ के प्राचार्य का दायित्व भी बखूबी निर्वहन किया। सेवानिवृत्त होने के बावजूद वे समाजसेवा में सक्रिय रहते थे। डॉ. चौबे अपने पीछे 3 बेटी गरिमा चौबे, अणिमा, सीमा और इकलौते बेटे प्रितेश चौबे (कनाडा) समेत भरे पूरे परिवार को रोते बिलखते छोड़ गए हैं। वे भारतेंदु चौबे के चाचा थे।
रायगढ़ की शिक्षा जगत की अतुलनीय हस्ती डॉ. जवाहर चौबे की शवयात्रा कोतरा रोड विकास नगर स्थित उनके निवास स्थल से कल 4 दिसंबर के अपरान्ह 12 बजे निकलेगी। सर्किट हाउस रोड स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार होगा।
रायगढ़ में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ हो रही धान खरीदी
जिले में अब तक 4 हजार से अधिक टोकन जारी, किसानों को मिल रही सहूलियत
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 105 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्था के साथ जारी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार उपार्जन केंद्रों में पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
जिले में अब तक 4123 टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिनके आधार पर किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को निर्धारित समय पर केंद्र में पहुंचकर बिना किसी भीड़-भाड़ और इंतजार के धान बेचने की सुविधा मिल रही है। पंजीकृत टोकनों के विरुद्ध खरीदी का प्रतिशत 99.39 दर्ज किया गया है, जो इस व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
किसानों ने जताया आभार, सुविधाओं से पूरी तरह संतुष्ट
धान विक्रय के लिए उपार्जन केंद्र कोड़ातराई पहुंचे लोहरसिंह के सीमांत किसान कार्तिकेश्वर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ढाई एकड़ खेत में धान की फसल ली थी और 42 क्विंटल धान विक्रय के लिए ऑनलाइन टोकन लिया। उन्होंने कहा कि टोकन कटाने से लेकर धान विक्रय तक किसी भी चरण में कोई परेशानी नहीं हुई। केंद्र में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना और स्टैकिंग सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है। उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।
किसानों को मिल रहा उपज का सम्मान
धान बेचने पहुंचे अन्य किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था और भी बेहतर और किसान हितैषी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की मानक उपज के आधार पर धान खरीदा जा रहा है। इससे हमारे परिश्रम और फसल का वास्तविक मूल्य मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभारी हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाई गई सरल, सुचारू और पारदर्शी व्यवस्था के कारण वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।
SIR : रायगढ़ के 1033 पोलिंग बूथ में डिजिटाइजेशन कार्य सौ फीसदी पूरा
कलेक्टर ने उत्कृष्ट बीएलओ को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले के 1033 पोलिंग बूथ में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र जिले में पहला ऐसा बना, जहाँ 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य पूर्ण हुआ है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
मयंक चतुर्वेदी ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रशासनिक अधिकारियों और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, जिसकी सतत निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने शेष बूथों के बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने 8 उत्कृष्ट बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें श्रीमती पायल चंद्रिकापुरे, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-85), राजेश दास बैरागी, बीएलओ सुपरवाइजर, राजस्व उप निरीक्षक, श्रीमती मंजू शर्मा, सहायक शिक्षक (अभिहित अधिकारी), सुशील गुप्ता, प्रधान पाठक (मास्टर ट्रेनर), श्रीमती शकुन्तला देवी बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-02), श्रीमती अनिता नायक बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-81), श्रीमती गीता गुप्ता, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-82) और श्रीमती मेनका कुर्रे, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-84) शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी बीएलओ को अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते रहने प्रोत्साहित किया।
99 फीसदी से अधिक डिजिटाइजेशन पूर्ण
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 9,14,669 मतदाताओं में 9,06,171 से अधिक का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जो कि 99 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि लैलूंगा विधानसभा में 99.97 प्रतिशत, रायगढ़ विधानसभा में 98.43 प्रतिशत, खरसिया विधानसभा में 99.97 प्रतिशत और धरमजयगढ़ विधानसभा में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल पोलिंग बूथ की संख्या 1156 है, जिसमें 60–80 फीसदी डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाले बूथ की संख्या 02 है। 80–99 फीसदी डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाले बूथ की संख्या 121 है। वहीं 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करने वाले पोलिंग बूथ की संख्या 1033 है। उन्होंने बताया कि शेष पोलिंग बूथों में डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही पूरे जिले में सौ फीसदी डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
कलेक्टर पहुंचे धान खरीदी केंद्र, कहा – किसानों को न हो रत्तीभर भी परेशानी
बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से अवैध खरीद-फरोख्त नहीं होने का जारी किया फरमान
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सुचारू व पारदर्शी बनाने जिले में प्रशासनिक मॉनिटरिंग लगातार जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़, पुसौर और खरसिया विकासखंड के धान उपार्जन केंद्रों कोतरा, केसला, जैमुरा और चपले का औचक निरीक्षण करते हुए किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और केंद्र प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से अवैध खरीद-फरोख्त किसी भी स्तर पर नहीं होना चाहिए, इसके लिए पूर्ण सतर्कता बरती जाए। कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों को अपने-अपने उपार्जन केंद्रों की कड़ी निगरानी, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा खरीदी की प्रत्येक प्रक्रिया का सटीक पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
धान की ढेरी लगाकर खरीदी करें, नमी अवश्य मापें
कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि किसानों द्वारा लाए गए धान की नमी का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। धान की ढेरी लगाकर सुव्यवस्थित खरीदी करें। तौल मशीन की सटीकता सुनिश्चित करें। शासन द्वारा धान खरीदी हेतु जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि केसला उपार्जन केंद्र में अबतक 104 किसानों से 5498 क्विंटल धान खरीदा गया। कोतरा उपार्जन केंद्र में 28 किसानों से 1764 क्विंटल धान की खरीदी, जैमुरा उपार्जन केंद्र में 21 किसानों से 1086 क्विंटल खरीदी, 8 किसानों द्वारा 0.169 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है। चपले उपार्जन केंद्र में 76 किसानों से 3351.20 क्विंटल खरीदी, 41 किसानों से 1.238 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है। कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में स्टैकिंग, बारदाना उपलब्धता और आगामी दिनों की खरीदी लिमिट को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा, खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी सहित राजस्व, खाद्य, कृषि तथा मंडी समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायगढ़ में अब तक 56 मामले में 8,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त, शासन को 2.50 करोड़ की बचत
धान के अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने जिला प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर चल रही सतत मॉनिटरिंग के परिणाम स्वरूप अब तक 56 प्रकरणों में 8,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। इससे शासन की लगभग 2.50 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि को रोका जा सका है।
अवैध धान के अंतर्राज्यीय एवं आंतरिक परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए 25 चेकपोस्टों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, हाटी, तोलमा, गोलाबुड़ा, टांगरघाट, बिजना, उर्दना, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारूमा और रीलो सहित सभी चेकपोस्टों पर तैनात टीमें सतत चेकिंग कर रही हैं। अनुविभागीय स्तर पर भी विशेष टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। जंगल और वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है। इससे अवैध आवाजाही पर प्रभावी रोक लगी है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अवैध धान भंडारण व परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दो दिनों में 9 प्रकरण में 17 लाख रुपए से अधिक के 564 क्विंटल धान जब्त
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि 29 तथा 30 नवंबर को की गई कार्रवाई में राजस्व, मंडी एवं प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न ग्रामों में औचक निरीक्षण कर 9 प्रकरणों में कुल 564 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया। इनमें ग्राम लोइंग में सुरेश गुप्ता के यहां 80 क्विंटल, ग्राम छुहीपाली में सुखदेव पटेल के यहां 27.60 क्विंटल, ग्राम लारा के विष्णु चरण के यहां 24 क्विंटल, ग्राम कोड़पाली के रोहित बारिक के यहां 8 क्विंटल, ग्राम भकुर्रा की श्रीमती विमला यादव के यहां 22 क्विंटल, ग्राम पलगढ़ा के अशोक गवेल के वाहन में 28 क्विंटल, खरसिया के अनिश अग्रवाल के गोदाम में 160 क्विंटल, ग्राम कांदागढ़ के राजू के यहां 60 क्विंटल और ग्राम नवापारा-माण्ड में कुमार साहू के यहां 154.80 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
धान खरीदी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले में 105 उपार्जन केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सभी केंद्रों में चेकलिस्ट के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय किया गया है। कॉल सेंटर द्वारा धान के उठाव, परिवहन और रीसाइक्लिंग पर सतत निगरानी की जा रही है। शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी है।
जिला स्तरीय जांच समिति गठित
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने धान खरीदी में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय जांच समिति गठित की है। इसमें अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा, खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु. जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्त सहकारिता व्यास नारायण साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक एस. नारायण, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एसपी सिंह शामिल हैं। समिति पूरी खरीदी प्रक्रिया की निगरानी सतत रूप से कर रही है।
किसानों के टोकन के लिए विशेष व्यवस्था
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूमि धारिता आधारित टोकन व्यवस्था लागू है। किसान टोकन उपार्जन केंद्र से या टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप से प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने आग्रह किया है कि किसान धान पूरी तरह सुखाकर, 17 प्रतिशत से कम नमी के साथ ही लेकर आएं और साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका व आधार कार्ड अवश्य रखें।
धान खरीदी भुगतान में 96.27 प्रतिशत
सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 नवम्बर तक जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में 1 लाख 78 हजार 310.40 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है है। खरीदे गए धान के एवज में 4224.17 लाख रुपये भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है, जिसमें से 4066.50 लाख रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दिया गया है। धान खरीदी व्यवस्था व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हित में सुचारु रूप से जारी है।