बैंकों को कारोबारियों के व्यापारिक हितों का रखना होगा ख्याल – सुशील रामदास

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास व प्रदेश मंत्री शक्ति अग्रवाल ने रायगढ़ के व्यापारियों के सामने 10 और 20 रुपये के नोटों की कमी से उत्पन्न हो रही समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने सभी बैंकों से मांग की है कि वे व्यापारियों की सुविधा के लिए शीघ्र इन छोटे मूल्य वर्ग के नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

व्यापारियों को हो रही दिक्कत
सुशील रामदास ने बताया कि रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को 10 और 20 रुपये के नोटों की कमी के कारण लेन-देन में बड़ी परेशानी हो रही है। बाजार में छोटे लेन-देन के लिए इन नोटों की आवश्यकता होती है, लेकिन बैंकों में इनकी अनुपलब्धता से व्यापार प्रभावित हो रहा है। छोटे व्यापारियों के लिए 10 और 20 रुपये के नोट बेहद जरूरी हैं। अगर बैंक इन्हें उपलब्ध नहीं कराएंगे, तो दैनिक लेन-देन बाधित होगा और ग्राहकों को भी परेशानी होगी।

बैंकों से की गई मांग
उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, सेंट्रल बैंक सहित सभी प्रमुख और स्थानीय बैंकों से अनुरोध किया है कि वे व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10 और 20 रुपये के नोटों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। सुशील रामदास ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो चेंबर को छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और भारतीय रिजर्व बैंक से शिकायत करनी पड़ेगी।

आरबीआई के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी
भारतीय रिजर्व बैंक ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि सभी मूल्यवर्ग के नोट जनता और व्यापारियों को आसानी से उपलब्ध हों। छोटे नोटों की कमी से न केवल व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि आम जनता को भी नकदी लेन-देन में कठिनाई होती है। सुशील रामदास ने बैंकों से आर.बी.आई. के दिशा-निर्देशों का पालन करने और छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है।

                  बहरहाल, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स की यह मांग रायगढ़ के व्यापारियों की वास्तविक समस्या को दर्शाती हैं। बैंकों को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि व्यापारिक गतिविधियाँ बिना किसी बाधा के जारी रह सकें। अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो रायगढ़ चैंबर राज्य सरकार और आर.बी.आई. से हस्तक्षेप करने की मांग करेगा।

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