साय केबिनेट के भोजनालयों में शराब बेचने वाले फरमान पर बिफरे अनिल शुक्ला

by SUNIL NAMDEO
0 comment
img-20260221-wa01799122518692518146593.jpg
previous arrow
next arrow

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की सरकार के समय जब भाजपा विपक्ष की भूमिका में थी तब उन्होंने शराबबंदी को लेकर धरना प्रदर्शन आंदोलन कर भूपेश सरकार को घेरा था। उनकी सरकार के सत्ता में आते ही तब उनका शराबबंदी को लेकर चाल चरित्र और चेहरा जगजाहिर हो गया, जब भाजपा की साय सरकार की नई शराब नीति की घोषणा सार्वजनिक हुई।

      अनिल शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा शराब नीति को लेकर जो फैसला आया है वह इस शांतिप्रिय प्रदेश को अशांत करने की दिशा में बड़ा घातक कदम होगा। जिस प्रदेश की पहचान अब तक धान के कटोरे की तरह होती थी वह अब देश में शराबी और नशेड़ी प्रदेश के रूप में जाना जाए तो कोई अतिश्योक्ती नहीं होगी। उन्होंने ये बात प्रदेश में नई आबकारी नीति घोषित होने के बाद कही। अनिल शुक्ला ने बताया कि अब तक सिर्फ होटलों को मिलने वाला बार लाइसेंस, अब रेस्टॉरेंट और ढाबों को भी दिया जाएगा। यानी, होटल्स में ही नहीं, अब से प्रदेश के रेस्टॉरेंट्स और ढाबों में भी शराब परोसी जा सकेगी। साय कैबिनेट ने इस एक्ट को मंजूर कर दिया है, इसके लिए आबकारी विभाग पूरी तैयारी भी कर चुका है।

               बात शराब नीति की है, सो पिछली सरकार में घर घर जाकर शराबबंदी को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा द्वारा लिए गए इस फैसले से जाहिर हो चुका है कि ये सरकार सराब माफियाओं से सांठगांठ कर व्यापार चलाने की जुगत में लग चुकी है। इस गलत निर्णय से हमारा प्रदेश नशे के चंगुल में बुरी फंसने जा रहा है, इसका पुरजोर विरोध होना चाहिए। होटल, ढाबों, गुमटियों में शराब बिकने से सभ्रांत परिवार के लोगों महिलाओं और बच्चों को सामाजिक वातावरण नहीं मिल पायेगा। कांग्रेस पार्टी न केवल नई शराब नीति का पुरजोर विरोध करेगी, बल्कि इस नीति को वापस लेने के लिए सरकार को हर स्तर तक घेरगी और सरकार को बाध्य होकर इस थोपी गई शराबनीति वापस लेनी ही होगी।

You may also like

Leave a Comment