फोरलेन रोड, यात्री रेल की मांग और NTPC की मनमानी पर युकां ने सौंपा ज्ञापन

by SUNIL NAMDEO
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घरघोड़ा/रायगढ़ (सृजन न्यूज)। घरघोड़ा क्षेत्र की जनता वर्षों से फोर लेन सड़क निर्माण, यात्री रेल चालू, विकास की सुविधाओं के अभाव में पीड़ा झेलने के साथ महंगी फीस और स्थानीय युवाओ को रोजागर की माँग को लेकर युकां नेता उस्मान बेग ने जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर
तत्काल कार्रवाई की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं माने जाने पर गांधीवादी तरीके से सशक्त आंदोलन किया जाएगा।

युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष उस्मान बेग ने 3 ज्ञापन दिया। इसमें प्रमुख रूप से रायगढ़-घरघोड़ा और घरघोड़ा–धरमजयगढ़ फोरलेन सड़क की मंजूरी और निर्माण की माँग की है। यह मार्ग उत्तर रायगढ़ अंचल, औद्योगिक क्षेत्रों, खनन बेल्ट और जनजातीय क्षेत्रों की मुख्य जीवनरेखा है। रायगढ़–घरघोड़ा 37 किमी फोरलेन सड़क के लिए ₹17.30 करोड़ की प्रारंभिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस स्वीकृति और इसकी स्थिति को सार्वजनिक करने की माँग की है। दोनों रोड का फोरलेन निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने, सर्वे, DPR, भू-अर्जन और टेंडर प्रक्रिया युद्धस्तर पर पूरी करने, दुर्घटना संभावित स्थलों पर डिवाइडर, पैचवर्क, संकेतक और हाईमास्ट/स्ट्रीट लाइट तुरंत लगाने और आगे इस रोड को भारतमाला/औद्योगिक फोरलेन कॉरिडोर से जोड़ने की माँग भी की है।

वही दूसरे ज्ञापन में घरघोड़ा–धरमजयगढ़ यात्री रेल सेवा चलाई करने की माँग की है। बिलासपुर और रायपुर के लिए अप-डाउन लोकल पैसेंजर/MEMU ट्रेन शीघ्र चालू की जाए। रेल लाइन यूपीए कांग्रेस सरकार 2012 में स्वीकृत हुई थी, तब से यह निर्माणधीन रही। 2019 में पहली मालगाड़ी चली। घरघोड़ा से प्रतिदिन औसतन 3 कोयला रेक चलते हैं, जिससे 4800+ कोयला रेक और 1.82 करोड़ टन से अधिक कोयला देशभर में अब तक पहुंच चुका है। स्थानीय लोग अभी तक यात्री रेल सुविधा से वंचित है। सत्ता स्तर के जनप्रतिनिधि चुप है , छात्र, कर्मचारी, मरीज और व्यापारी भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसमें कलेक्टर से यह माँग की गई कि DRM बिलासपुर, रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को अनुशंसा पत्र भेजा जाए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और विभागों की बैठक कर ठोस प्रस्ताव तैयार कर आगे रूपरेखा बनाकर इस रूट में यात्री ट्रेन चालू करने पहल करने की माँग की गई।

वही तीसरे माँग में एनटीपीसी तिलाईपाली परियोजना की लंबित शिकायतें जो पेंडिंग है, उस पर ध्यान आकर्षित कराया गया। रोजगार में जो लगभग 90 प्रतिशत नौकरी बाहरी लोगों को दी गई है वो पहले प्रभावित स्थानीय लोगों को फिर घरघोड़ा ब्लॉक और जिले के लोगों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही कई प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला। कई घर तोड़े गए, लेकिन उनके भुगतान कार्य नहीं हुए। शिक्षा सहायता में एनटीपीसी तिलाईपाली डीएवी स्कूल काफी फीस ले रहा है, जबकि सेम डीएवी स्कूल छाल में है वहाँ फीस कम है। स्कूल की फीस को छाल डीएवी की तरह करने के बाद प्रभावित बच्चों को निःशुल्क, जिनकी भूमि टाउनशिप में गई है उनको 50% और घरघोड़ा नगर के बच्चों को 25% छूट दिए जाने की मांग की है।

युवा कांग्रेस नेता उस्मान बेग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनका आंदोलन केवल मांगों तक सीमित नहीं है। यह घरघोड़ा और आसपास के लोगों के जीवन, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है। सड़कें चौड़ी नहीं हुईं, ट्रेन शुरू नहीं हुई, और NTPC अपने दायित्व नहीं निभा रही। यदि प्रशासन ने इस बार भी अनदेखी की, तो जिला, राज्य और केंद्र स्तर तक गांधीवादी, शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त आंदोलन करेंगे। जनता के हक के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाएँगे।

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