महिला एनजीओ कार्यकर्ता को 2.17 करोड़ के सायबर फ्रॉड का बनाया था शिकार

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर रायगढ़ के साइबर पुलिस थाने को ऑनलाइन फ्रॉड में बड़ी सफलता हासिल हुई है। रायगढ़ की एक महिला एनजीओ कार्यकर्ता को साइबर फ्रॉड से जुड़े स्थानीय आरोपियों ने संपर्क कर उनके एनजीओ को CSR मद से बड़ी रकम देने का प्रलोभन देकर उसके खाते में 2 करोड़ 17 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन कराये। जब महिला के अकाउंट पर पूरे देश में 44 ऑनलाइन फ्रॉड की कंप्लेंट दर्ज हुई तो पीड़िता को उसके साथ फ्रॉड होने की जानकारी मिली और उसने रायगढ़ के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई तो त्वरित कार्यवाही करते हुए एसएसपी शशिमोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर साइबर पुलिस रायगढ़ ने अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़े 5 आरोपियों को पकड़ा है, इनके तार कई राज्यों में फैले हैं, रायगढ़ पुलिस अब इन आरोपियों से पूरे गैंग का पर्दाफाश करने में जुट गई है । यह अंतरराज्य साइबर फ्रॉड से जुड़े आरोपी अपने ऊपर चैनल को कॉरपोरेट अकाउंट उपलब्ध कराते थे। इसके एवज में इन्हें 3 से 15 परसेंट रूपये मिलते थे। साइबर थाने पुलिस ने इन्हें धोखाधड़ी के अपराध में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी :-
मितेश सोनी पिता तुल बहादुर सोनी उम्र 31 साल निवासी नॉर्थ उत्तर वसुंधरा नगर भिलाई-3 थाना भिलाई जिला दुर्ग, विजय चंद्रा पिता अमर सिंह चंद्रा उम्र 35 साल निवासी ग्राम कटौत थाना डभरा जिला सक्ती, अजय साहू पिता बरजू लाल साहू उम्र 35 साल लक्ष्मी हाइट के सामने ढिमरापुर चौक रायगढ़, अभय यादव पिता गंगाराम यादव उम्र 23 साल निवासी कौहाकुंडा पहाड़ मंदिर थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़, सचिन चौहान पिता संजू चौहान उम्र 24 साल निवासी कलमीडिपा थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़।
आखिरकार क्या है कहानी
दरअसल, इंदिरानगर रायगढ़ की रहने वाली एक महिला ने 12 मार्च को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि गत माह दिसंबर 2025 को इसके भांजे ने विजय चंद्रा से परिचय कराया। विजय ने बताया एक कंपनी CSR मद से सामाजिक कार्य हेतु अनुदान प्रदाय करना चाहती है इसलिए वह मेरे संस्थान के पंजीयन के कागजात मुझसे प्राप्त किया। कुछ दिनों बाद विजय चंद्रा अपने दोस्त अजय साहू और अभय यादव साथियों के साथ महिला से संपर्क कराया। महिला को भरोसे में लेते हुए बैंक डिटेल लिये और उसका कार्पोरेट अकांउट खुलवाये। आरोपियों का गैंग टेलीग्राम में अपने ऊपर चैनल के संपर्क में थे। विजय चन्द्रा ने उसके साथ जुड़े गुवाहाटी गैंग को महिला की जानकारी देकर कारपोर्रेट अकाउंट की जानकारी दी। उन्होंने महिला से उसका बैंक डिटेल के साथ गुवाहटी बुलवाये, जहां होटल में महिला के रूकने की व्यवस्था किये।
यहां गुवाहाटी गैंग ने महिला और उसके पति को होटल में रखकर महिला के मोबाइल, चेक बुक आदि लेकर उसके मोबाइल में APK फाईल लेकर ट्रांजेक्शन कराया। पूरी तसल्ली के बाद महिला और उसके पति को करीब एक सप्ताह रखकर 12 जनवरी 2026 को जाने दिया। रायगढ़ आने के बाद अगले दिन महिला को बैंक से फोन आया कि बैंक खाते में कुछ छोटे एमाउंट आ रहे हैं और 14 जनवरी को बताया गया कि मेरे बैंक खाते से सायबर फ्रड हो रहा है। मैंने अपना मेल चेक किया तो कई जगह से विवादित धन राशि होने के संबंध में मेल आया था। इस बारे में जानकारी ली। 29 दिसंबर 2025 को बैंक खाते में 470000 रूपये विवादित सायबर फ्रड का उक्त धनराशि मेरे खाते में आया है, तब से सायबर फ्रड हो रहा है।
विजय चंद्रा से फोन में इस संबंध में पूछा तो वह मुझे कहने लगा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है आपको कोई हानि होने नहीं देगें। बैंक से कुछ गलती हुई होगी कहकर मुझे कुछ समय मांगा। उसके बाद अब वह मेरे संपर्क में नहीं है। मुझे कई राज्यों से मेरे बैंक खाते में सायबर फ्रड होने का मेल आया है। महिला के आवेदन पर साइबर थाने में धारा 318 (3), 3 (5) BNS पंजीबद्ध कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया। आरोपी अभय यादव पहले स्थानीय बैंक में काम कर चुका है। अभय की दोस्ती विजय चंद्रा से थी। विजय चंद्रा को मितेश सोनी जो पहला साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़ा था, इसने अभय विजय और और सचिन चौहान को ग्रुप में जोड़ा और इन्हें कॉरपोरेट अकाउंट उपलब्ध कराने कहा। इन्होंने टेलीग्राम ग्रुप में जुड़कर परसेंट में कॉरपोरेट अकाउंट उपलब्ध कराते थे जिसके आवाज में फ्रॉड के आए रकम का कुल 5 से 15 परसेंट इन्हें प्राप्त होता था।
आरोपियों द्वारा 25 से 30 अकाउंट विभिन्न राज्यों में उपलब्ध कराने बताएं हैं। आरोपियों से उनके 6 मोबाइल की जब्ती की गई है आरोपियों को न्यायिक डिमांड पर भेजा जा रहा है। शीघ्र चैनल से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रेट करेगी। राइट छत्तीसगढ़ पुलिस के समन्वय ऐप पर पीड़ित महिला के खिलाफ 44 अलग-अलग शिकायतें प्राप्त हुई है जिस पर करीब 20 करोड़ रुपए से अधिक का विवादित धनराशि जमा होने पाया गया है।




