नारी शक्ति की अनोखी मिसाल बना ग्राम पंचायत सुकुल भठली

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर पुसौर जनपद के तहत ग्राम पंचायत सुकुल भठली में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन इन दिनों जनचर्चा का विषय बना हुआ है। यह जनचर्चा सामुदायिक भवन के आधे अधूरे निर्माण या रिश्वतखोरी को लेकर नहीं बल्कि गांव की महिला सरपंच और आर्य युवा समिति के उन सदस्यों से जुड़ी है, जिन्होंने सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख की स्वीकृति मिलने के बाद अनुमति 50 लाख खर्च दिए।
ग्राम पंचायत सुकुल भठली की महिला सरपंच नीरवती सिदार ने भूतपूर्व सरपंच जैजैराम गुप्ता, गणेश राम सिदार, आर्य समिति के संरक्षक डॉ. मनोहर लाल पटेल एवं जागरूक सदस्यों के साथ विधायक ओपी चौधरी के समक्ष ग्राम सुकुल भठली में सामुदायिक भवन की मांग रखी। विधायक ओपी चौधरी ने सभी के आग्रह को स्वीकारते हुए सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु डीएफएम मद से 19.90 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की। महिला सरपंच के साथ आए आर्य समिति के सदस्य ओपी चौधरी के व्यक्तित्व से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। ओपी की शालीनता विनम्रता ने ग्रामवासियों को प्रभावित किया। उस दौरान समिति से जुड़े लोगों के ओपी चौधरी के सामने यह वादा किया कि यह सामुदायिक भवन पूरे अंचल के लोगों के लिए मिसाल स्थापित करेगा।
डीएफएम मद से स्वीकृति से मिले राशि से सामुदायिक भवन की मजबूत नींव रखी गई। इसके बाद आर्य समिति के युवाओं का साहसिक और ईमानदार प्रयास शुरू हुआ और देखते ही देखते इसकी अनुमानित लागत 40 लाख के आसपास पहुंच गई। यह ऐतिहासिक सामुदायिक भवन अंचल में जनचर्चा का विषय बन गया। आसपास के ग्रामीण इस भवन की देखने आ रहे है। आर्य समिति के संरक्षक डॉ. मनोहर लाल पटेल ने कहा उनकी यह पहल राजनीति में ईमानदारी सुचिता के नए युग की शुरुवात होगी। यह सिर्फ भवन नहीं, बल्कि सुकुल भठली वासियों की ईमानदार भावना का प्रतीक चिन्ह है। भवन की खूबसूरती सदैव ईमानदार प्रयासों का स्मरण कराती रहेगी। यह सामुदायिक भवन गांव की अस्मिता से जुड़ा है। आने वाली पीढ़ी उनके शाश्वत प्रयासों को याद करेगी। सन 2000 के दशक के इस समिति की बुनियाद रखी गई। समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला सार्वजनिक कबड्डी मैच पूरे अंचल में प्रसिद्ध है।
वही भूतपूर्व सरपंच जैजैराम गुप्ता का मानना है कि इस समुदायिक भवन को मेरा गांव मेरी पहचान के रूप में लंबे समय तक याद किया जाएगा। सचिव प्रेमलाल ने कहा कि उन्होंने काफी सरकारी काम करवाए, लेकिन सुकुल भठली के इस समुदायिक भवन के निर्माण को लेकर ग्रामवासियों के उत्साह को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। महिला सरपंच नीरवती सिदार ने कहा, यह सामुदायिक भवन सुकुल भठली वासियों के ईमानदार कोशिश का जीता जागता प्रमाण है। पूर्व सरपंच गणेश सिदार का मानना है कि अमूमन सरकारी कामों में स्वीकृत राशि से आधा काम भी नहीं होता, लेकिन हमारे ग्रामवासियों ने इस मिथक को तोड़ दिया और स्वीकृत राशि से दुगुना खर्च कर यह बता दिया कि हौसले बुलंद हो तो मंजिल आसानी से मिलती है।




