वरिष्ठ पुलिस कप्तान ने सृजन न्यूज से दिल खोलकर की बातचीत
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। सागर के कॉलेज में छात्र-छात्राओं को कभी हिंदी साहित्य पढ़ाने वाले शशिमोहन सिंह अभी रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस कप्तान की बखूबी कमान सम्हाल रहे हैं। चंद समय में अपनी बेबाकी और तेजतर्रार कार्यशैली से पब्लिक की आकांक्षाओं में खरे उतर रहे एएसपी शशिमोहन सिंह अगर पुलिस अफसर नहीं बनते तो अभिनय जगत में चमक रहे होते।

सृजन न्यूज से खास बातचीत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि बिहार के बक्सर में 1 अप्रैल 1971 को उनका जन्म हुआ। पिता कृष्णदेव सिंह (सीआईएसएफ) तो माता श्रीमती चंदा देवी गृहणी हैं। 3 भाई और 1 बहन वाले सिंह परिवार के चहेते शशिमोहन की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा यानी कक्षा पहली की पढ़ाई भिलाई में हुई। फिर दूसरी से लेकर आठवीं कक्षा तक बिहार और नवमीं से बारहवीं के साथ कल्याण कॉलेज भिलाई में 1991 में एमए (हिंदी साहित्य) में स्नातक की पढ़ाई पूरी हुई। इसके बाद बतौर शिक्षाविद उन्होंने सागर कॉलेज में स्टूडेंट्स को हिंदी साहित्य भी पढ़ाया।

एमपी पीएससी एक्जाम में आजमाया भाग्य

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में शशिमोहन में किस्मत आजमाईश की। 1996 में सलेक्ट हुए तो सागर में प्रशिक्षण के पश्चात 1999 में पहली पदस्थापना इटारसी में एसडीओपी के तौर पर हुई। फिर 2000 में भोपाल, 2001 से 03 भानुप्रतापपुर, 2003 से 04 राजधानी रायपुर में पुरानी बस्ती सीएसपी, 2005 से 06 सीएम सिक्यूरिटी डीएसपी, 2006 से 08 सीएसपी सिविल लाइन रायपुर, इस बीच 2008 में पदोन्नति होने पर 09 तक एडिशनल एसपी कवर्धा, 2009 से 10 एएसपी रायपुर, 2010 से 12 तक अवकाश, 2012 से 17 राजनांदगांव, 2017 से 18 एसपी पुलिस एकेडमी चंदखुरी, 2018 से 22 कमांडेंट 9 बटालियन दंतेवाड़ा, 2022 से 24 कमांडेंट जगदलपुर और 2024 से 26 तक जशपुर के बाद बीते 26 जनवरी से रायगढ़ एएसपी के रूप में सेवा दे रहे हैं।
कायदे कानून की बखियां उधेड़ी तो खैर नहीं
भ्रष्टाचार और असामाजिक तत्वों के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एएसपी शशिमोहन सिंह की प्राथमिकता कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की है। जुआ, सट्टा, शराब, कबाड़ जैसे असामाजिक गतिविधियों को पनाह देने काले उनके टारगेट में हैं। यही वजह है कि रायगढ़ में पदभार ग्रहण करते ही नशे के विरुद्ध अभियान चलाने से लेकर क्रिकेट सट्टे और जिस्म फरोशी के काले कारोबार में लिप्त सफेदपोशों पर उन्होंने कहर बरपाते हुए अपनी कार्यशैली का ट्रेलर दिखाया।
अमिताभ और अनिता राज के हैं फैन
डायरेक्शन, अभिनय और लेखन से गहरा नाता रखने वाले एएसपी शशिमोहन सिंह को महानायक अमिताभ बच्चन की अदाकारी और अभिनेत्री अनिता राज की सादगी खूब भाती है। मुंशी प्रेमचंद के कलम के मुरीद होने के साथ फणीश्वरनाथ रेणु का मैला अंचल पढ़ना उनका शगल है। लिटी चोखा और कढ़ी-चावल पसंदीदा व्यंजन है तो पिता केडी सिंह को वे अपना आदर्श मानते हैं।

जीवन संगिनी का साथ है मजबूत ताकत
1 फरवरी 1998 को भोपाल की रेखा के संग अग्नि के समक्ष सात फेरे लेते हुए दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने वाले शशिमोहन सिंह की जिंदगी की असल ताकत उनकी अर्धांगिनी ही हैं। पुत्र ऋषि विभु समर्थ सिंह की पैदायशी को जीवन के सर्वाधिक खुशी के क्षण मानने वाले शशिमोहन अपने पिताश्री कृष्णदेव सिंह की अवसान तिथि को सबसे निराशाजनक पल मानते हैं।
नशे से दूर रह कर युवा बनाएं करियर
नक्सल प्रभावित क्षेत्र का खट्टा-मीठा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पुलिस कप्तान शशिमोहन सिंह को नशे से बेहद नफरत है। ऐसे में खासकर युवाओं को उनका संदेश है कि नशे से दूर रहें। करियर निर्माण में ही फोकस करे। शॉर्टकट के चक्कर में न पड़े, बल्कि मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करें तो कामयाबी जरूर कदम चूमेगी।