कहा – उपार्जन केंद्रों से 28 फरवरी तक उठाएं पूरा धान, उद्योगों की निगरानी के लिए गठित समिति बरतें ईमानदारी
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कामकाज की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में ठोस प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी इसे गंभीरता से ले और निर्धारित समय-सीमा में कार्य को पूर्ण करें। बैठक में जनदर्शन, पीजीएन एवं पीजी पोर्टल से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के निष्क्रिय खातों की स्थिति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खातों के निष्क्रिय रहने से विकास कार्य बाधित होते हैं तथा वित्तीय अनुशासन प्रभावित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जितने भी इनऑपरेटिव खाता है, उसे तत्काल ऑपरेटिव कराया जाए तथा डेफ खातों को नियमानुसार बंद कर इसकी जानकारी निर्धारित समय में उपलब्ध कराएं। लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में संचालित औद्योगिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग के लिए अनुभाग स्तर पर संयुक्त समिति गठित की गई है। उन्होंने समिति को औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण एवं पर्यावरणीय मानकों के पालन की नियमित समीक्षा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा एवं मानकों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने 28 फरवरी तक सभी उपार्जन केंद्रों से धान का पूर्ण उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि उठाव के अनुपात में चावल को नागरिक आपूर्ति निगम में शीघ्र जमा कराएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी 2.0 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शेष आवासों की स्वीकृति हेतु तत्काल प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना के हितग्राही मूलक कार्यों में शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने, महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण ट्रैकर में 100 प्रतिशत ग्रोथ मॉनिटरिंग और आंगनबाड़ी स्तर पर समय पर डेटा प्रविष्टि करने तथा सभी शालाओं में बालिका शौचालयों को पूर्णतः क्रियाशील करने के निर्देश दिए।
