जिला स्तरीय जन चौपाल में जमकर बरसे उमेश और जरिता
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। भाजपा सरकार की कथित मजदूर-विरोधी नीतियों, मनरेगा के मूल स्वरूप में परिवर्तन, काम बंद होने और मजदूरों के हक और अधिकार के छीने जाने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा संचालित मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शनिवार को रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कलमी स्थित बाबा गुप्तेश्वर मंदिर प्रांगण में जिला स्तरीय विशाल जन चौपाल कार्यक्रम हुआ। जन चौपाल में ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में मजदूर, किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव एवं छत्तीसगढ़ सह-प्रभारी जरिता लैतफलांग ने कहा कि मनरेगा देश के गरीबों का संवैधानिक अधिकार है, जिसे भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रही है। कांग्रेस मजदूरों के हक के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक, मनरेगा बचाओ संग्राम के प्रदेश समन्वयक उमेश नंदकुमार पटेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने सत्ता में आते ही मजदूरों का रोजगार छीना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मजदूरों को रोजगार की गारंटी मनरेगा में किए गए बदलाव को वापस नहीं किया गया और महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को यथावत नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। राज्य सरकार किसानों के शत-प्रतिशत धान नहीं खरीद पाई। साय सरकार के संरक्षण में राज्य के धान खरीदी में भारी गड़बड़ी हुई, लिहाजा करोड़ों के धान चूहे खाए जाने की बात सरकार के अधिकारी कर रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने कहा कि रायगढ़ जिले में मनरेगा की स्थिति चिंताजनक है। रायगढ़ जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहां सभी पंचायत में मनरेगा के तहत लोगों को कम मिलता था, अब मजदूर काम के लिए भटक रहे हैं जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ शहर के अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि यह जन चौपाल भाजपा सरकार के लिए चेतावनी है कि यदि गरीब और मजदूर की अनदेखी बंद नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में रायगढ़ के पूर्व विधायक प्रकाश नायक एवं लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार ने भी जन चौपाल को संबोधित करते हुए मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से लड़ने का संकल्प दोहराया।
