माइनिंग अधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, कार्रवाई नहीं होने पर भड़केगा जनाक्रोश
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। खुलेआम बिना रॉयल्टी के अवैध रूप से बालू की सप्लाई की जा रही है। नो-एंट्री के समय रात के अंधेरे में बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ धड़ल्ले से चल रही हैं। न रॉयल्टी है न परमिशन, फिर भी अवैध डिपो बेखौफ होकर संचालित किए जा रहे हैं।

सबसे गंभीर और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे अवैध कारोबार पर माइनिंग अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शासन और प्रशासन की चुप्पी ने रेत माफियाओं के हौसले इतने बढ़ा दिए हैं कि वे खुलेआम कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। यह सिर्फ अवैध खनन का मामला नहीं, बल्कि शासन के राजस्व पर सीधा डाका और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है।

अगर जल्द से जल्द अवैध बालू डिपो, बिना रॉयल्टी चल रही गाड़ियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के सब्र का बांध टूट सकता है। इसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी। अब मौन नहीं, बल्कि कार्रवाई चाहिए। तुरंत और जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई अन्यथा जनाक्रोश भड़कने पर युवा टीम द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
