जनदर्शन में फरियादी ने लगाई इंसाफ की गुहार, तहसीलदार ने आवेदक को दिया कार्रवाई का आश्वासन

चंद्रपुर/सक्ती (सृजन न्यूज)। चंद्रपुर के सर्किट हाउस के समीप ग्राम सेवक क्वाटर की जमीन यानी खसरा नंबर 655 पर श्री सांई कम्यूटर द्वारा बेजाकब्जा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सक्ती के कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में इसकी शिकायत हुई है। आवेदक अविनाश नामदेव ने बेशकीमती शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करने वाले सांई कम्यूटर के संचालक खेमचरण देवांगन के खिलाफ लिखित में शिकायत करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।

सक्ती जिले के कलेक्ट्रेट में बीते 4 फरवरी को आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर अमृत विकास टोपनो के नाम अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा को सौंपे आवेदन में फरियादी अविनाश नामदेव ने कहा है कि सूचना अधिकार के तहत मिली विधिवत जानकारी के मुताबिक धार्मिक नगरी चंद्रपुर के रेस्ट हाउस के सामने स्थित सरकारी जमीन यानी खसरा पांचशाला वर्ष 2021 – 22 से 2025 – 26 में खसरा नंबर 654 एवं 655 में श्री साईं कंप्यूटर या खेमचरन देवांगन पिता राजाराम देवांगन का नाम दर्ज नहीं है। वर्तमान राजस्व अभिलेख के अनुसार श्री साईं कंप्यूटर या खेमचरन देवांगन पिता राजाराम देवांगन के नाम में उक्त खसरा नंबर में से कोई भूमि आबंटित नहीं की गयी है। जबकि, इस ज़मीन पर पिछले कई बरसों से साईं कंप्यूटर श्री खेमचरन देवांगन पिता राजाराम देवांगन के द्वारा संचालित किया जा रहा है।

अविनाश नामदेव ने जनदर्शन में दिए आवेदन में यह भी कहा कि कभी ग्राम सेवक क्वाटर की जगह वर्तमान में स्थित श्री सांई कम्यूटर ग्राम चंद्रपुर के खसरा नंबर 654 एवं 655 के हिस्से में संचालित है। पहले उसी जगह पर अविनाश के पिता स्व. खिलेश्वर प्रसाद नामदेव (अपना टेलर) और आलोक मिश्रा (जनरल स्टोर) दुकान संचालित करते थे, जिसे बिना जानकारी के वहां से हटा दिया गया। ऐसे में प्रार्थी अविनाश नामदेव ने कलेक्टर से पुन: निवेदन है कि या तो पूर्व कब्जाधारियों को ज़मीन बराबर आबंटित कि जाये या वर्तमान कब्जाधारी श्री साईं कंप्यूटर या खेमचरन देवांगन पिता राजाराम देवांगन को वहां से हटाया जाए।

बहरहाल, ग्राम सेवक क्वाटर की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से हथिया कर उसमें श्री सांई कम्यूटर का कारोबार करने की इस अजब गजब अतिक्रमण के खेल में शामिल लोगों पर प्रशासन का कहर जल्द टूटकर गिरेगा, ऐसा ठोस आश्वासन तहसीलदार से आवेदक को मिला जरूर है। अब देखना है कि रायगढ़-सारंगढ़ नेशनल हाइवे किनारे शासकीय भूमि पर बेजाकब्जा कर उसे कारोबारी स्थल का हाईटेक रूप देने वाले अपनी अवैध बिल्डिंग को बचाने की कवायद में कहां तक एड़ी रगड़ते हैं।