विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करने मील का पत्थर साबित होगा स्टेट कैपिटल रीजन का गठन
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। एनसीआर की तर्ज पर एससीआर (स्टेट कैपिटल रीजन) गठन का वादा पूरा होने की अहम जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि अपने वादे के अनुरूप आवास एवं शहरी विकास विभाग के माध्यम से सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में स्टेट कैपिटल रीजन के गठन का विधेयक प्रस्तुत किया गया था। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद यह अधिनियम बन गया। यह अधिनियम 1 नवंबर से यह अधिनियम मूर्तरूप लेगा।
ओपी चौधरी ने दावे के साथ कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति का एक नया इंजन सिद्ध होगा। राजस्व में आशातीत वृद्धि के साथ साथ सरगुजा, बस्तर जैसे क्षेत्रों सहित पूरे राज्य में विकास का नया मार्ग प्रशस्त होगा। रायपुर, नवा रायपुर, बीरगांव, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, इन सभी क्षेत्रों का तकनीकी अध्ययन कर एक क्षेत्र निर्धारित किया जाएगा। नीति आयोग के सहयोग से एकीकृत कर मास्टर प्लान बनाते हुए आर्थिक योजना बनाई जाएगी। इस कदम से भविष्य में छत्तीसगढ़ के लिये एक बड़ा ग्रोथ इंजन तैयार होगा, जो आने वाले 10–15 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण-शहरी विकास को वृहद स्तर पर लाभ पहुंचाएगा।छत्तीसगढ़ सरकार एनसीआर की तर्ज पर राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाके के विकास के लिए ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ बनाकर विकसित करने जा रही है। अधिनियम की मंजूरी के साथ ही ‘स्टेट कैपिटल रीजन‘ ने रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर के क्षेत्रों को कैपिटल रीजन में शामिल किया गया है।
इस कदम से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा।भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के केंद्र में स्थित होने के साथ व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के प्रमुख केन्द्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्टेट कैपिटल रीजन में योजनाबद्ध और शहरी विकास की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए, स्टेट कैपिटल रीजन को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे राजधानी और आसपास के शहरों का योजनाबद्ध तरीके से विकास होगा। साथ ही शहरी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और वाणिज्य के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इस क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं बढ़ेंगी। स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल शहरों में वर्ष 2031 तक 50 लाख से अधिक की आबादी रहने का अनुमान है।
बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को कम करने तथा बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यहां राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन करने का प्रावधान रखा गया है। यह प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण आदि के अनुरूप होगा। पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं भी योजनाबद्ध तरीके से लागू हो सकेगी। यह प्राधिकरण भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करेगा। वर्ष 2024-25 के बजट में स्टेट केपिटल रीजन कार्यालय की स्थापना के लिए सर्वेक्षण एवं डीपीआर बनाने के लिए भी 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सुविधा के सर्वे कार्य के लिए भी 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।




