दूरदर्शन की सर्वोच्च श्रेणी की कलाकार गुरु गोपिका वर्मा ने भाव और रसों से रचा अलौकिक संसार

by SUNIL NAMDEO
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चक्रधर समारोह में मोहिनीअट्टम का जादू, चित्रांगम, जमुना किनारे, विश्वेश्वरा जैसी रचनाओं में विभिन्न भावों की अनूठी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। चक्रधर समारोह 2025 के मंच पर चेन्नई की विख्यात नृत्यांगना गुरु गोपिका वर्मा ने मोहिनीअट्टम की मोहक प्रस्तुति दी। उनकी मनोहर मुद्राएँ और भावपूर्ण अभिव्यक्ति दर्शकों को केरल की शास्त्रीय नृत्य-परंपरा और अभिनय की आत्मा से रूबरू करा गईं।
                     उन्होंने चित्रांगम, जमुना किनारे, विश्वेश्वरा रचनाओं पर आधारित प्रस्तुति में रसों को सजीव कर दिखाया। भक्ति और सौंदर्य से परिपूर्ण उनके नृत्य में कोमल गति, लयबद्ध ताल और सहज शैली का अद्भुत संगम देखने मिला। विशेषकर जमुना किनारे की संगीतमय लय में उनका भाव प्रवाह दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। कृष्ण और गोपियों के प्रसंगों को उन्होंने इतने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। वहीं विश्वेश्वरा में भक्ति और आस्था का गहरा वातावरण रचा।
               गुरु गोपिका वर्मा का मोहिनीअट्टम से परिचय मात्र दस वर्ष की आयु में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उन्हें श्रीमती गिरिजा और श्रीमती चंद्रिका कुरुप से मिली। आगे चलकर प्रसिद्ध कल्याणी कुट्टिअम्मा, श्रीदेवी राजन और श्री कलामंडलम कृष्णन नायर के मार्गदर्शन ने उनकी कला को नई ऊँचाई दी और अभिनय में गहराई प्रदान की। उनकी प्रस्तुति ने सिद्ध किया कि मोहिनीअट्टम केवल नृत्य नहीं, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों और मानवीय भावनाओं का जीवंत उत्सव है।

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