चक्रधर समारोह में हो रहा छत्तीसगढ़ी कलाकारों से पक्षपात और राजनीतिकरण : अनिल शुक्ला

by SUNIL NAMDEO
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लोकगायक नितिन दुबे को कार्यक्रम से दरकिनार करने के मामले ने पकड़ा तूल

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने राज्य शासन द्वारा रायगढ़ में आयोजित 40वें चक्रधर समारोह में आयोजक मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ी कलाकारों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उनके साथ हो रहे व्यवहार पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है ।
        विदित हो कि छत्तीसगढ़ी कलाकार नितिन दुबे की लोकप्रियता अंचल ही नहीं, बल्कि अन्य प्रदेशों में भी है। देश के विभिन्न मंचों में इनकी गायकी को सराहते हुए इन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया है। चक्रधर समारोह 2025 में इन्हें आयोजक मंडल ने स्थान दिया था, साथ ही बतौर पारिश्रमिक सम्मान राशि भी बतौर पारिश्रमिक देने का वादा कर इनसे सहमति भी ली है थी। तत्पश्चात समारोह के ब्रोशर, पोस्टर के साथ अन्य विज्ञापनों में इनके कार्यक्रम की तिथि नाम व भी तस्वीर प्रकाशित प्रसारित की गई, लेकिन यकायक आयोजक मंडल द्वारा नितिन दुबे को ये फरमान भेजकर सकते में डाल दिया कि बजट में कमी होने के कारण आपको सम्मान निधि आधी दी जाने का निर्णय लिया गया है।

                               इसे जानकर छत्तीसगढ़ी माटी के कलाकार ने आत्मग्लानि महसूस करते हुए उपेक्षित व राजनीति का शिकार माना और मीडिया में शासन के इस दोहरे मापदंड पर आपत्ति जताई। चूंकि इस आयोजन में जब कोई वीआईपी के सामने महज चेहरा दिखाने को कलाकार को बुलाया जाता है तो उन्हें मुंहमांगी रकम दी जाती है, वहीं स्थानीय कलाकारों को घर की मुर्गी दाल बराबर समझ छोटा कलाकार मान उसकी कोई कद्र नहीं की जाती। यही छत्तीसगढ़ी लोक गायक नितिन दुबे के साथ हुआ। उनके कार्यक्रम प्रस्तुति पर दी जाने वाली राशि बजट के अभाव में आधी कर कार्यक्रम प्रस्तुत करने को कहा गया। इस पर कांग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष ने समारोह के आयोजकों पर घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आयोजक मंडल छत्तीसगढ़ी गायक नितिन दुबे के साथ किए गए दुर्व्यवहार की जिम्मेदारी ले उनसे क्षमा मांगे और तय समय कार्यक्रम पूर्व तय हुईं राशि पर उनके कार्यक्रम की प्रस्तुति ससम्मान करवाएं। साथ ही भविष्य में भी कभी किसी कलाकार के मान व सम्मान में कमी न हो इसका विशेष ध्यान दिया जावे।
        अनिल शुक्ला ने कहा कि चक्रधर समारोह में किसी भी राजनीति के दबाव में कार्यक्रम की प्रस्तुति नहीं होनी चाहिए। यहां ये देखा गया कि शासकीय मंच पर नामचीन कलाकारों जिन्हें लाखों रूपये की राशि देकर बुलवाया गया उनके माध्यम से विपक्ष के लिए कुछ टिप्पणियां भी करवाई गईं जिसकी निंदा भी कांग्रेस करती है क्योंकि ये निजी मंच नहीं है। कांग्रेस चाहती हैं कि कि छत्तीसगढ़िया कलाकारों के साथ द्वेष भाव न हो, साथ ही यदि किसी कलाकार को शासकीय आयोजन में स्थान देने और प्रचारित करने के बाद जो पारिश्रमिक तय कर अनुबंधित किया जाता है तो कार्यक्रम आयोजकों द्वारा उस तयशुदा राशि का पूरा भुगतान करना चाहिए। बजट अभाव का बहाना बनाकर आधी राशि देना कलाकार के साथ अन्याय होगा जिसे मानहानि माना जावेगा। चूंकि यहां कलाकार नितिन दुबे को तय राशि से कम राशि अदा करने की बात सामने आ रही है, ऐसे में उनके साथ हो रहा ये अन्याय बर्दाश्त नहीं हो रहा है। ऐसे में हम पीड़ित छत्तीसगढ़ी कलाकारों के पक्ष में है और चाहते हैं शासन तथा चक्रधर समारोह का आयोजक मंडल अपने कृत्य पर कलाकार से क्षमा मांगे। यदि माफी नहीं मांगी जाती तो ये छत्तीसगढ़ के कलाकारों के साथ भेदभाव माना जावेगा और कांग्रेस पार्टी विधि अनुरूप कार्यवाही किए जाने पर पीड़ित कलाकारों के साथ रहेगी।

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