500 से अधिक शिष्य शीर्ष पदों पर

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रायगढ़ की गुरू-शिष्य परंपरा में अनेक नाम आसमान में तैर रहे हैं। जैसे प्रताप सिंह खोडियार, एम.एल.जोगी, आर.के.तंबोली, अभय पांडेय, जे.के.पंडा, एस.एन.सिंह, गिरिजा शंकर पांडे आदि नाम शहर की फिजां में सितारे की तरह जगमगा रहे हैं। इन्हीं शानदार गुरूओं के शिष्य रामचन्द्र शर्मा का नाम अब प्रसिद्ध गुरू एवं मार्गदर्शक के रूप में ध्रुव तारे की तरह जगमगा रहा है।
रामचन्द्र शर्मा केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही गुरू के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सफल कोचिंग संचालक, एक सफल खेल संचालक, एक सफल मोटिवेशनल स्पीकर, एक सफल समाज सेवी के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। 1998 से गुरू के रूप में अपनी यात्रा रामचन्द्र शर्मा ने शुरू की उनकी ब्रिलियन्ट कोचिंग से एक साथ 11 शिष्य सब इंस्पेक्टर के रूप में सफल हुए। यहां से मार्गदर्शक बनने की शुरूआत अनवरत् रूप से अब तक जारी है। उनके द्वारा शिक्षा प्राप्त 500 से अधिक युवक एवं युवतियां छोटे से लेकर बड़े पदों तक कार्यरत रहकर उनका और अपने परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं।
एक ओर उनके शिष्य मजिस्ट्रेट है, वहीं दूसरी ओर आईएएस परीक्षा पास वैभव जिंदल तथा डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, पुलिस निरीक्षक, आबकारी निरीक्षक, बैंक पीओ, परिवहन आरक्षक, पुलिस आरक्षक आदि पदों पर सफल होकर वर्तमान में पदस्थ है। वहीं संस्कार पब्लिक स्कूल के मार्गदर्शक के रूप में रामचन्द्र शर्मा के मार्गदर्शन से 100 से अधिक बालक-बालिकाएं डॉक्टर, आईआईटी, सीए, आर्मी आफिसर, इंजीनियर, सब इंस्पेक्टर आदि क्षेत्र में सफल हैं। खेल के क्षेत्र में क्रिकेट में उनके शिष्य रणजी से लेकर अलग-अलग उम्र वर्ग में सफलता का परचम लहरा रहे हैं। विप्र फाउंडेशन नामक संस्था में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पूरे राज्य का नेतृत्व कर चुके हैं। बड़े-बड़े गुरूओं से मार्गदर्शन पाकर रामचन्द्र शर्मा की ख्याति भी एक सफल एवं श्रेष्ठ गुरू के रूप में स्थापित हो चुकी है। ऐसे श्रेष्ठ गुरू एवं मार्गदर्शक को नमन व जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।