महाजेंको मामला : दस्तावेजी प्रमाणों से भूपेश सरकार की संलिप्तता हुई उजागर

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते रोज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान महाजेंको प्रोजेक्ट को लेकर भाजपा सरकार पर गम्भीर आरोप लगाये थे, लेकिन मीडिया को जो दस्तावेज मिले हैं, उससे स्पष्ट होता है कि कुछ मामलों में कांग्रेस सफेद झूठ बोल रही है और महाजेंको प्रोजेक्ट को स्वीकृति दिलाने में भूपेश सरकार भी बराबर शरीक रही है।

                              विदित हो कि विगत एक सप्ताह से महाजेंको प्रकरण को लेकर कांग्रेस बेहद मुखर है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता जयराम रमेश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व प्रदेश काँग्रेसाध्यक्ष दीपक बैज से लेकर जिले स्तर के नेता वन कटाई व उद्योग स्थापना हेतु भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। विगत दिनों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया द्वारा पूछे गये प्रश्न के जवाब में कहा था कि उनकी सरकार की कोई भूमिका नहीं रही है, वरन कोल ब्लॉक आबंटन और उद्योग स्थापना की स्वीकृत हेतु केंद्र सरकार जिम्मेदार है। मुड़ागांव में उन्होंने 20 से अधिक कांग्रेस विधायकों के साथ एक जंगी सभा की। सभा में कांग्रेस नेताओं ने मीडिया व आम जनता के समक्ष ऐलानिया कहा कि भूपेश सरकार ने जनसुनवाई को रद्द कर दिया था। जबकि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा 16 अक्टूबर 2019 को भारत सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव को जो पत्र भेजा गया था।

इससे स्पष्ट होता है कि भूपेश बघेल सहित प्रदेश कांग्रेस के नेतागण सरासर झूठ बोल रहे हैं। इस पत्र क्रमांक 6246 / TS/ CECB/2019 में यह साफ उल्लेखित है कि 27 सितम्बर 2019 को जनसुनवाई पूर्ण की गयी, जिसमें जनता की ओर से 48 लोगों ने अपना पक्ष रखा तथा जनसुनवाई में सब कुछ नियमानुसार सम्पन्न किया गया। इस प्रतिवेदन में सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित तत्कालीन क्षेत्रीय अधिकारी आरके शर्मा और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के रूप में आरए कुरुवंशी ने बाकायदा हस्ताक्षर भी किए हैं।

इसी तरह 28 दिसम्बर 2022 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़ के कार्यालय से पत्र क्रमांक क्र/भू-प्रबन्ध/खनिज/331-245/3063 जारी किया गया। इसमें तत्कालीन अधिकारी सुनील मिश्रा के हस्ताक्षर से बाकायदा फारेस्ट क्लियरेंस की अनुशंसा की गयी है। इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं के बयानों की पोल खुल गयी है और कांग्रेस के विरुद्ध भाजपा सांसद राधेश्याम राठिया के आरोपों को प्रमाणिकता मिल गयी है।

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