Home रायगढ़ न्यूज पर्ल कोक के अवैध भंडारण और खरीद-फरोख्त पर नहीं लगी रोक तो होगा आंदोलन

पर्ल कोक के अवैध भंडारण और खरीद-फरोख्त पर नहीं लगी रोक तो होगा आंदोलन

by SUNIL NAMDEO

धर्मजयगढ़/रायगढ़ (सृजन न्यूज)। खनिज संसाधनों और प्राकृतिक की ख़ूबसूरती से परिपूर्ण धर्मजयगढ़ विधानसभा के रेरुमा पुलिस चौकी के समीप पर्ल कोक की तस्करी जोरों पर है। इसकी शिकायत क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन कार्यवाही न होने से युवा नेता विधानसभा प्रभारी उस्मान बेग से संपर्क कर विधानसभा के सभी प्रमुख युवा नेताओं के साथ युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने एसडीएम धर्मजयगढ़ से मिलकर इसकी तस्करी और विशेष कर एक डिपो में रहे कथित कारोबार पर रोकथाम करने की मांग की गई है अन्यथा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है ।
                                   उस्मान बेग ने बताया कि रैरूमा पुलिस चौकी पत्थलगांव रोड ब्लॉक धर्मजयगढ़ के समीप धनबाद से आने वाले पर्ल कोक राजधानी रायपुर, बिलासपुर रायगढ़ की और जाता है। सालों से उक्त जगह पर गाड़ियों को रोककर चोरी की जाती है जो एक तस्करी और अवैध खरीद है। अवैध भंडारण और गाड़ियों से चोरी करके खरीद बिक्री किया जा रहा है जो एक प्रायोजित अपराध है। इस अवैध भंडारण की शासन-प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद सरंक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस प्रकार का कार्य करने का कोई लाइसेंस या सरकारी अनुमति नहीं दी जाती है। ऐसे में तत्काल उक्त भंडारण और खरीद पर रोक लगाई जाए और अवैध भंडारण करने वाले व्यक्ति पर अपराध दर्ज किया जाए नहीं तो हमारा संगठन कड़े विरोध प्रदर्शन हेतु बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी आपकी होगी । इसकी प्रतिलिपि रायगढ़ कलेक्टर और एसपी से लेकर धर्मजयगढ़ के एसडीओपी तथा तहसीलदार को भी दी गई है। अब देखने वाली बात होगी की इस मामले में क्या कार्यवाही होती है। उस्मान बेग के साथ प्रमुख रूप से गगनदीप कोमल सन्नी, सत्पुरुष महर्षि, दयाशंकर बेहरा, दीपक इजारदार, संजय, राजा, सोनू, नरेश, जेक, यादव, मुन्ना, पीयूष, अनुराग, रितेश, कुणाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

आखिरकार क्या है पर्ल कोक ?
पर्ल कोक, जिसे कभी-कभी नट कोक भी कहा जाता है, एक प्रकार का धातुमल कोक है जो बिटुमिनस कोयले को गर्म करके बनाया जाता है। यह आमतौर पर 5 मिमी से 30 मिमी आकार का होता है। इसका उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं में ईंधन और अपचायक के रूप में किया जाता है, खासकर ब्लास्ट फर्नेस में लोहा और इस्पात उत्पादन के लिए, Riglobal.in और CoalJunction के अनुसार। इसमें कम राख होती है, जो इसे फेरोअलॉय, फाउंड्री, स्टील और गैर-लौह धातु उद्योगों में उपयोगी बनाती है
पर्ल कोक के मुख्य उपयोग हैं:
ब्लास्ट फर्नेस:
पर्ल कोक का उपयोग ब्लास्ट फर्नेस में ईंधन और अपचायक के रूप में किया जाता है.
फेरोअलॉय उत्पादन:
इसका उपयोग फेरोअलॉय बनाने के लिए किया जाता है.
फाउंड्री:
पर्ल कोक का उपयोग फाउंड्री में भी किया जाता है.
इस्पात उद्योग:
स्टील बनाने की प्रक्रिया में इसका उपयोग किया जाता है.
गैर-लौह धातु ढलाई:
पर्ल कोक का उपयोग गैर-लौह धातुओं को पिघलाने और ढालने के लिए किया जाता है.

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