भटगांव के धनीराम ने नेपाल में कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ की माटी का मान

by SUNIL NAMDEO
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नेपाल के धनबहादुर अंतरराष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप 2025 में युवा पत्रकार को मिली गर्वीली सफलता

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (सृजन न्यूज)। अच्छे कार्यों को क्रियान्वयन करने में अपनी पूरी ऊर्जा समर्पित करने वाले जिले के होनहार खिलाड़ी व युवा पत्रकार धनीराम निराला ने नेपाल स्पोर्ट्स कराते अकैडमी के द्वारा नेशनल स्टेडियम दशरथ रंगशाला नेपाल 24 एवं 25 मई को आयोजित दो दिवसीय 11वीं धनबहादुर अंतरराष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप 2025 में कास्य पदक जीतकर न केवल सारंगढ़-बिलाईगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ सहित भारत का नाम रौशन किया है।

दी सोतोकान कराते डो स्पोर्ट्स फेडरेशन के खिलाड़ी ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एवं अंतर्राष्ट्रीय कोच आशीष भारद्वाज की देखरेख में जिले के धनीराम निराला ने सीनियर पुरुष 75 केजी भार वर्ग कुमीते में तृतीय स्थान प्राप्त किया, वहीँ विजेता खिलाड़ी धनीराम निराला को मुख्य अतिथि हीरासिंह डोंगल (रिटायर असिस्टेंट डायरेक्टर स्पोर्ट्स अथॉरिटी नेपाल) ने पदक व प्रमाण पत्र देकर उत्साह वर्धन किया। इस खुशी में जिले के पत्रकार बिरादरी ने धनीराम निराला विजेता का पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और गले मिलते हुए बधाई भी दी।

बचपन से रहा कराते का शौक

धनीराम निराला एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं और एक युवा पत्रकार भी हैं, जो हमेशा से लोकहित मे कार्य करते हैं और बचपन से कराते के शौकीन हैं। कराटे के क्षेत्र मे निराला जी को ब्लॉक, जिला और राज्य में भी कई मैडल एवं प्रमाण पत्र मिल चुके हैं। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ विकासखंड अंतर्गत भटगांव के समीप ग्राम पंचायत जोरा के आश्रित ग्राम ओटगन के निवासी हैं। इस उपलब्धि से गाँव, तहसील एवं पूरे जिले मे खुशी का माहौल हैं। खिलाड़ी सह पत्रकार निराला को इस उपलब्धि पर भटगांव, सरसींवा, सारंगढ़, बरमकेला, बलौदाबाजार, बिलाईगढ़ सहित राज्य भर के पत्रकारों ने शुभकामनायें दी हैं।

धनीराम निराला ने जताया आभार

युवा पत्रकार व खिलाड़ी धनीराम निराला ने सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत मेरा नहीं हैं, मेरे भारत, छत्तीसगढ़ और मेरे जिले व गांव की जीत है। मेरे दोस्तों, पत्रकार साथियो, गांव के लोगों, कराते संघ के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने मेरा हौसला बढ़ाया और मुझे इस मुकाम पर पहुंचाया। माताजी, पिताजी एवं मेरी धर्मपत्नी सभी का प्यार व आशीर्वाद मिला जिससे मुझे यह गौरव प्राप्त हुआ।

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