Home छत्तीसगढ़ कलेक्टर ने कहा – युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य नहीं है स्कूलों को बंद करना

कलेक्टर ने कहा – युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य नहीं है स्कूलों को बंद करना

by SUNIL NAMDEO

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में हुई अहम बैठक

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग निर्देशानुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को लेकर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें विकासखंड स्तरीय और जिलास्तरीय समिति के अधिकारी, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रखर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी एलपी पटेल, तीनों विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी उपस्थित थे।

             बैठक में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पूरी प्रक्रिया को शासन द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशानुसार निष्पक्षता और समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य किसी भी विद्यालय को बंद करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिसमें कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय न रहे। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।कलेक्टर ने बताया कि स्कूलों और अतिशेष शिक्षकों के चिन्हांकन में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें। किसी भी स्कूल या अतिशेष शिक्षकों के चिन्हांकन में नियमों की अनदेखी न करें। कलेक्टर ने कहा कि अतिशेष शिक्षकों का पदांकन शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय और आवश्यकता वाले स्कूलों में प्राथमिकता के साथ करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थी बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पठन पाठन कर सकेंगे।

           जिला शिक्षा अधिकारी एलपी पटेल ने बैठक में बताया कि आगामी 2 और 3 जून को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सारंगढ़ में प्रातः 10 बजे 04 बजे तक अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसलिंग आयोजित जाएगी। 2 जून को प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक प्राथमिक, माध्यमिक, शिक्षक और विज्ञान शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसलिंग होगी, जबकि 3 जून को सहायक शिक्षकों की पदस्थापना हेतु काउंसलिंग होगी। डीईओ पटेल ने बताया कि काउंसलिंग की प्रक्रिया ऐसे शिक्षक जिनकी सेवाकाल दो वर्ष या कम हो उन्हें पहले स्कूल चयन करने का अवसर पहले मिलेगा। उसके बाद महिला, मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव, शैक्षिक समन्वयक और अंत में वरिष्ठता के अनुसार होगी। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपादित एवं समस्याओं का निराकरण करने एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी।

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