नेता प्रतिपक्ष ने आयुक्त को जगाया : सफाई व्यवस्था और निर्माण कार्य के लिए सौंपा ज्ञापन

by SUNIL NAMDEO
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सलीम ने कहा – कहा बिना भेदभाव हो सभी में वार्ड के पार्षदों का कार्य

रायगढ़। निगम के नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियरिया ने आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय को ज्ञापन के माध्यम से शहर की नालों की सफाई एवं निर्माण कार्यों की लापरवाही तथा डेंगू जैसे मामलों को लेकर नींद से जगाया।
निगम द्वारा बरसात पूर्व बड़े नालों की सफाई के लिए मई के प्रथम सप्ताह में रोस्टर जारी किया गया था जिसमें पोकलेन के माध्यम से शहर के किनारे बड़े नालों की सफाई करवाया जाना था। रोस्टर के अनुसार प्रभारी और सह प्रभारी की टीम बनाकर अपने कार्यों के साथ साथ बड़े नालों की सफाई कार्य करवाने के आदेश जारी किए गए। जिसमें अभी भी नालों की सफाई नहीं हो सकी हैं 10 जून से मानसून आने की संभावना थी परन्तु मानसून ने मई माह के अंतिम सप्ताह में ही दस्तक दे दिया है।
शहर मध्य क्षेत्रों में 15 से 20 ऐसे बड़े नाले हैं, जिसमें समय पूर्व सफाई नहीं किया गया तो मोहल्लों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो जाएगी। वर्तमान में देखा गया है कि निगम में जो वार्ड हैं उनमें 6-6 कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं और उन्हीं कर्मचारियों से गैंग बनाकर नालों की सफाई भी कराया जा रहा है। इसमें भी कई कर्मचारी अनुपस्थित रहते है, लिहाजा वार्डों की सफाई व्यवस्था चरमरा जाती है।
पूर्व में निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों के नालों की सफाई ठेका पद्धति के माध्यम से किया जाता था वर्तमान में स्वच्छता कमांडो को किस कार्य पर लगाया गया है उसकी जानकारी भी अप्राप्त है क्योंकि शहर के किसी भी नालों की सफाई नहीं हुई है। शहर के मध्य क्षेत्र में यदि जल भराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका जवाबदार कौन होगा।
                     नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने डेंगू को लेकर भी आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय से चर्चा की। समय से पहले डेंगू के चिन्हित क्षेत्रों में दवा एवं छिड़काव अभी से शुरू करने के लिए ध्यानाकर्षण किया। जनता में डेंगू को लेकर जागरूकता फैलाने 48 वार्डों में नियमित रूप से फागिंग ओर दवा छिड़काव किए जाने पर चर्चा हुई। इसी कड़ी में शहर के गड्ढे भरी सड़कों के बी टी पेच वर्क के लिए भी बात की गई निगम क्षेत्र के कई सड़कों का कायाकल्प किया गया है। वर्तमान में भी किया जा रहा है लेकिन शहर के बीच एवं आसपास कई ऐसी सड़कें हैं जो वर्तमान में जर्जर हो चुकी है, इसकी स्वीकृति हेतु राज्य शासन को पत्र भी भेजा गया है लेकिन अब तक इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसा लगता है कि इसकी स्वीकृति वर्षा ऋतु के बाद ही प्राप्त होगी।
    इस स्थिति में जिन सड़कों पर छोटे-बड़े गड्ढे हैं उनका बरसात पूर्व पेंच वर्क करा दिया जाए तो सड़क पर तालाब जैसी स्थिती निर्मित नहीं होगी। पेंच वर्क होने से दुर्घटना एवं जानमाल की हानि को रोका जा सकता है। जो सड़कें पूर्व में बन चुकी हैं जिन्हें वर्तमान में मरम्मत के नाम पर उन्हीं सड़कों के ऊपर डामरीकरण कर जनता को गुमराह और शासन के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। उदाहरण के लिए चक्रधर नगर सरला विला के सामने से एचपी गैस तक की सड़के चकाचक थी जिसपर अभी फिर से डामरीकरण किया जा रहा है और कई सड़के ऐसी जर्जर हैं जिन पर कार्य नहीं किया जा रहा है, किन्तु जब जिम्मेदार जनप्रतिनिधि शहर की सड़कों के मरम्मत एवं अन्य निर्माण कार्य के लिए अनुरोध करते है तो अधिकारी द्वारा उस मद में राशि नहीं होने की बात कह कर गुमराह किया जा रहा है। 

       जबकि कार्यपालन अधिकारी का कर्त्तव्य होता है कि नई सड़कों के साथ उन सड़कों की भी मरम्मत हो जाए जो चलने लायक नहीं है। जबकि आयुक्त को बिना किसी सक्षम स्वीकृति के 50 लाख तक कार्य करवाने का सक्षम अधिकार प्राप्त है। इन कार्यों को मरम्मत संधारण के मद से भी किया जा सकता है लेकिन कुछ राशि के कारण नगर निगम सरकार आम जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करे तो क्या बेहतर होगा ?
साथ ही जिन नई सड़कों पर होलिका दहन किया गया है उन्हें भी चिह्नित कर तत्काल मरम्मत एवं पेच वर्क कराया जाए।
      समय रहते अगर सड़कों पर पेच वर्क नहीं करवाया जाता है तो है जनता की गाढ़ी कमाई से बनाई गई करोड़ों की सड़कों का बुरा हाल होने से कोई नहीं बचा पाएगा, इसलिए समय रहते गड्ढों के पेच वर्क का कार्य नहीं हुआ तो किसी भी दुर्घटना का जिम्मेदारी क्या नगर निगम सरकार लेगी। अभी शहर के लगभग 40 प्रतिशत सड़कों का डामरीकरण कार्य नहीं किया गया है। जबकि निगम चुनाव के वक्त सड़कों को जाम कर शहर की आम जनता को परेशान करते हुए और यातायात बाधित कर सड़कों का निर्माण किया जा रहा था। चुनाव के बाद कार्य की गति धीमी हो गई और आयुक्त के द्वारा जानबूझ कर बारिश का बहाना बनाया जा रहा है।
जोनल कार्य में 10 लाख के टेंडर में 6 लाख पार्षद निधि एवं 4 लाख नगर पालिका निगम के मरम्मत संधारण की निधि से कार्य सुनिश्चित करने पर भी मांग की गई है।
ज्ञापन देते समय विपक्षी दल के सभी पार्षदगण उप नेता प्रतिपक्ष विकास ठेठवार, प्रदीप विजय चंद्र टोप्पो, अमृत काटजू, श्रीमती अनुपमा शाखा यादव, श्रीमती धनेश्वरी द्वितीया, श्रीमती रेखा देवी,अक्षय कुलदीप, पूर्व एल्डरमैन वसीम खान उपस्थित थे ।

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