गुरु शरद वैष्णव के निर्देशन में होगी 7 वर्षों की कठिन तालीम
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त घरानेदार, शिक्षा हेतु विश्व प्रसिद्ध और रायगढ़ राज दरबार के स्तंभ रहे नृत्याचार्य स्व. पंडित फिरतु महाराज द्वारा स्थापित संस्था श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय राजापारा रायगढ़ की प्रतिभावान छात्रा कु. श्रद्धा रितुपर्णा स्वाइन का चयन रायगढ़ घराने की उच्च तथा पारंपरिक शिक्षा हेतु सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र सीसीआरटी, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 की अत्यंत कठिन परीक्षा पार कर हुआ है। इस परीक्षा में 10 से 14 वर्ष के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चुनाव कर भारत सरकार उन्हें 20 वर्ष की उम्र तक उत्कृष्ट तालीम दिलाने का कार्य करती है। ऐसे में श्रद्धा ने उक्त कठिन परीक्षा के लक्ष्य को इस वर्ष सफलतापूर्वक भेदते हुए यह परिणाम प्राप्त किया है।
श्रद्धा के माता-पिता अजीत कुमार स्वाइन एवं सुनैना स्वाइन ने इस सफलता का श्रेय गुरु के आशीर्वाद व परिश्रम के साथ ही श्रद्धा के कथक के लिए अपार समर्पण को दिया है। श्रद्धा वर्तमान में राजा पारा स्थित संगीत महाविद्यालय की पंचम वर्ष की छात्रा हैं। श्रद्धा का मानना है कि उनकी कक्षा में अनेक छात्र हैं किंतु गुरु द्वारा मुझे चुना जाना तथा इस परीक्षा की यथायोग्य तैयारी कराना एवं अंतिम लक्ष्य तक पहुंचने तक पूर्ण आशीर्वाद बनाए रखना स्वयं में उपलब्धि से कम नहीं था। उक्त परीक्षा हेतु जो तैयारी गुरु द्वारा कराई गई वो स्वयं में मेरी शिक्षा का अब तक का सर्वश्रेष्ठ समय था।
श्रद्धा ने यह अवार्ड अपने द्वितीय प्रयास में ही प्राप्त किया और इसे गुरु को समर्पित किया है। इस छात्रवृत्ति अवॉर्ड के अंतर्गत अगले 7 वर्षों तक श्रद्धा को अपने गुरु श्री शरद वैष्णव (अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नर्तक एवं गुरु रायगढ़ घराना) के सानिध्य में रायगढ़ कथक घराने की सूक्ष्मता से अध्ययन करने हेतु दिया गया है। श्रद्धा नगर की उभरती हुई बाल कत्थक नृत्यांगना है जिन्होंने विभिन्न शासकीय समारोह सहित बिलासपुर, रायपुर, भिलाई, पुणे, कटक, दुर्ग, भोपाल, शिमला, आगरा के प्रतिष्ठित समारोह में प्रस्तुति दी है। अनेक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड एवं सिल्वर मेडल प्राप्त कर रायगढ़ नगर का नाम रोशन किया है।
श्रद्धा की बड़ी बहन कु. स्नेहा परिमिता स्वाइन भी रायगढ़ कथक के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है, जिनका मार्गदर्शन भी इनको मिलता है। स्नेहा भी अपने गुरु शरद वैष्णव के सानिध्य में विगत 6 वर्षों से कठिन तालीम प्राप्त कर रही, साथ ही सीसीआरटी, भारत सरकार द्वारा यही राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्राप्त कर रही हैं। यह उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा आयोजित उक्त कठिन परीक्षा में छत्तीसगढ़ से मात्र दो प्रतिभागी का चयन किया जाता है। विगत 9 वर्षों में 7 विद्यार्थी श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय से चयनित होकर इतिहास बना चुके हैं जो रायगढ़ के लिए गौरव की बात है, साथ ही यह संस्था रायगढ़ कथक का नाम लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अंकित कर रही है।
श्रद्धा ने छत्तीसगढ़ और भारत सरकार से यह निवेदन किया है कि छत्तीसगढ़ का कोटा बढ़ाया जाए जिससे इस क्षेत्र के और प्रतिभावान शिक्षार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके, साथ ही इसकी प्रक्रिया सरल हो सके। चूंकि, कथक नृत्य एवं संगीत के क्षेत्र में रायगढ़ का नाम सदैव उल्लेखनीय रहा है।ऐसे में सांगीतिक क्षेत्र से इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने हेतु लगातार श्रद्धा को बधाई संदेश एवं ढेर सारा आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।