रायगढ़ आर्थो एंड जनरल हॉस्पिटल में डॉ. अहर्निश ने घायल युवक के अधूरे सपने को किए पूरे
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। शादी के 12 रोज पहले एक हादसे में दूल्हे के कूल्हे की हड्डी टूट जाती है और मांगलिक कार्यक्रम में अमंगल का ग्रहण लग जाता है। ऐसे में डॉ. राजू अग्रवाल के रायगढ़ आर्थो एंड जनरल हॉस्पिटल में घायल युवक को जब ले जाया जाता है तो डॉ. अहर्निश न केवल ऑपरेशन कर दूल्हे के कूल्हे की हड्डी को दुरुस्त करते हैं, बल्कि वॉकर के सहारे चलने वाले युवक को इस लायक भी बना देते हैं कि वह अपनी जीवन संगिनी के संग अग्नि के समक्ष सात फेरे लेते हुए गृहस्थ जीवन में भी प्रवेश कर लेता है।
दरअसल, यह कहानी है सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम बंजारी निवासी मोहन लाल मौर्या के बेटे प्रकाश मौर्या की। मोहन लाल कहते हैं कि वे आभारी हैं रायगढ़ आर्थो एण्ड जनरल हॉस्पिटल और वहां के आर्थो स्पेशलिस्ट डॉक्टर अहर्निश अग्रवाल व उनके पिता डॉ. राजू अग्रवाल का, जिन्होंने बेहद कम समय में हमारे बेटे का इलाज कर फिर से चलने लायक बना दिया और सही समय पर उसकी शादी हो सकी। मरीज के परिजनों का कहना है कि 26 अप्रैल को प्रकाश मौर्या का एक्सीडेंट होने से बाएं पैर की कूल्हे की हड्डी टूट गई थी।
चूंकि, प्रकाश की शादी 8 मई को तय थी, इसलिए मौर्या परिवार घबरा गया। एकबारगी उन्हें यह भी लगा कि शादी स्थगित करनी पड़ेगी। ऐसे विषम हालात में प्रकाश को रायगढ़ आर्थो एण्ड जनरल हॉस्पिटल लेकर गए तो डॉक्टर अहर्निश अग्रवाल ने ऑपरेशन की सलाह दी और यह विश्वास भी दिलाया कि 10 दिन के अंदर वह शादी के लिए फिट हो जाएगा। डॉ. अहर्निश ने टीम के संग 28 अप्रैल को प्रकाश का ऑपरेशन किया। नतीजतन, दो रोज बाद यानी 30 मई को प्रकाश वॉकर के सहारे चलने लगा।
फिर क्या, डॉ. अहर्निश के चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करने के सुखद नतीजे आने पर 8 मई को प्रकाश मौर्या ने अपने पैरों पर खड़े होकर ही सात फेरे लिए और अपनी अर्धांगिनी का हाथ थामते हुए परिणय सूत्र में बंध गया। यही वजह है कि रायगढ़ आर्थो एंड जनरल हॉस्पिटल में कम समय में हुए इस चमत्कार के लिए मौर्या परिवार ने डॉ. अहर्निश और उनकी टीम का तहे दिल आभार जताते हुए उनके उत्तरोत्तर प्रगति की कामना भी की है।