देशी-विदेशी वाद्य यंत्रों की जादुई संगत से चक्रधर समारोह का मंच हुआ रोमांचित

by SUNIL NAMDEO
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मुंबई के नामचीन कलाकार जीतू शंकर ने अपनी टीम के साथ दी फ्यूजन संगीत की प्रस्तुति

तबला, संतूर, सितार, सारंगी, ड्रम्स और जैम्बे के साथ श्रोताओं की तालियों ने भी की जुगलबंदी

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। चक्रधर समारोह में नामचीन तबला वादक और परकशन आर्टिस्ट जीतू शंकर ने फ्यूजन संगीत की अनोखी प्रस्तुति दी, जिसमें शास्त्रीय वाद्य यंत्रों सारंगी , सितार और संतूर की सुरीली धुनों के साथ तबले की थाप व ड्रम्स और परकशन की जादुई संगत सुनने को मिली। ऐसे में श्रोताओं के साथ समारोह का पूरा मंच रोमांचित हो उठा।

    देश राग से उनकी प्रस्तुति शुरू हुई। जिसमें उन्होंने राजा चक्रधर सिंह को ‘महाराज जी थारे घर आए’ गीत के माध्यम से नमन किया। मंच पर वाद्य यंत्रों से जब पधारो म्हारे देश के सुर निकले तो अपने देश की मिट्टी की खुशबू संगीत के धुनों के रूप सुनने वालों के जेहन में उतर गई। संतूर में बजती पहाड़ी धुनों ने श्रोताओं को कश्मीर की वादियों में होने का एहसास दिलाया।

                         कार्यक्रम में शांत और मधुर रागों से शुरू हुआ सांगीतिक सफर धीरे-धीरे ऊर्जावान धुनों में तब्दील हो गया, संगीत की हर धुन में भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई और आधुनिकता का अनोखा संगम था। जीतू शंकर के साथ उनके दोनों बेटों ऋषभ शंकर ने ड्रम्स पर और जैंबे पर पीयूष शंकर ने संगत की। वहीं सारंगी पर उस्ताद शाहरुख खान, संतूर पर मंगेश जगताप, सितार पर उस्ताद सलमान खान ने संगत की।

तालियों की थाप के साथ श्रोताओं ने की जुगलबंदी
जीतू शंकर एंड टीम की प्रस्तुति इतनी शानदार रही की सुनने वालों ने तालियों की गड़गढ़ाहट के साथ सभी वादकों के साथ जुगलबंदी की। तबला, संतूर, सितार, सारंगी और ड्रम्स और जैम्बे के साथ श्रोताओं के तालियों की थाप ने समारोह के पूरे माहौल में अद्भुत ऊर्जा भर दी।

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