रायगढ़ का ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत लिए 39वां चक्रधर समारोह 2024
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। कला और संस्कार धानी की नगरी रायगढ़ में 7 से 16 सितम्बर तक आयोजित होने वाले 39वाँ चक्रधर समारोह – 2024 के प्रतीक चिन्ह के समूचे रेखांकन में गति, वेग, ऊर्जा, स्फूर्ति, चुस्ती, लय, ताल, निरन्तरता एवं संगीत नृत्य का गुण समाहित है।
चक्रधर समारोह के इस प्रतीक चिन्ह को रायगढ़ के राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध आर्टिस्ट, कैलिग्राफर, डिजाईनर, विजुअलाईजर तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने तैयार किया है।
मनोज श्रीवास्तव ने आगे यह भी बताया कि रेखांकन में नृत्य मुद्रा का सांकेतिक रूप से प्रयोग किया गया है जो कथक की मुद्रा से प्रभावित है। कथक का रायगढ़ घराना संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की प्रमुख देन है। इसके साथ ही म्युजिकल नोड और तबले का संयोजन है। तबला, संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह का प्रमुख वाद्ययंत्र रहा है। रेखांकन के उक्त समस्त रिदमिक प्रभाव के साथ यह स्वयं में चित्रात्मकता प्रस्तुत करती है, चुस्ती, स्फूर्ति के गुणों के कारण यह खेल भावना भी दर्शाती है। प्रतीक चिन्ह के इस रेखांकन में आंकिक रूप से प्रथम नृत्य की सांकेतिक मुद्रा अंक 3 का और द्वितीय नृत्य की सांकेतिक मुद्रा अंक 9 का प्रतिनिधित्व करती है अर्थात् – 39, वर्ष 2024 में, रायगढ़ का यह 39 वाँ चक्रधर समारोह है।
चक्रधर समारोह के इस प्रतीक चिन्ह की रंग योजना, तैयार की जाने वाली विजुअल अथवा सतह के अनुसार विभिन्न रंगों अथवा किसी भी रंग में प्रयुक्त हो सकेगी।




