मानवाधिकार दिवस पर जिला अपर सत्र न्यायालय में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के प्राप्त निर्देशन पर अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जिला अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा न्यायिक परिसर में आज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। तालुका घरघोड़ा के पैरालीगल वालिंटियर और अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में न्यायाधीश दामोदर प्रसाद चन्द्रा एवं न्यायाधीश सुश्री प्रीति झा की अध्यक्षता में हुआ।

सर्वप्रथम अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने न्यायाधीशों का स्वागत कर नागरिकों एवं पक्षकारों को विश्व मानव अधिकार दिवस के महत्व के बारे में बताते हुए मानव के दायित्व के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। मानवाधिकार सभी व्यक्तियों को समान रूप से प्राप्त होते हैं, चाहे उनकी जाति, धर्म, भाषा, लिंग, वर्ग या राष्ट्रीयता कुछ भी हो। आगे उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण निःशुल्क कानूनी सहायता के विषय पर भी जानकारी दी। सहायक लोक अभियोजन अधिकारी राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि मनुष्य कुल में जन्म लेने के साथ ही मानव को कुछ अधिकार मिल जाते हैं जिसका संरक्षण करना हम सबका नैतिक एवं मौलिक दायित्व है। किसी भी व्यक्ति को किसी दूसरे के प्रति घृणा का भाव रखे बिना उसके भोजन, पहनावा, अभिव्यक्ति एवं सामान्य जीवनयापन के अधिकार से उसे वंचित न करना ही मानव अधिकार है।

  अधिवक्ता देवेंद्र पण्डा ने गांव में फैले कुरीतियों और बात-बात में होने वाले हिंसा तथा टोनही प्रताड़ना के संबंध में कानूनी जानकारी के साथ इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उनके द्वारा लोगों को महिलाओं के घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल श्रम तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण की भी जानकारी साझा की गई। अंत में पर्चे बांट कर आगामी नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर के बारे में बताया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश जितेंद्र जैन (जिला विधिक सेवा प्राधिकार रायगढ़) और विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी (अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति घरघोड़ा) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

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