
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। कला और संस्कार धानी नगरी की 10 बरस की आराध्या सिंह भी चक्रधर समारोह में अपनी कला का मुजाहिरा पेश करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। अल्पायु में ही शास्त्रीय गायन के गुर भेद सीखने वाली आराध्या भविष्य में न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ महतारी की माटी का मान भारत में बढ़ाने की ख्वाहिशमंद हैं।

शहर के चक्रधर नगर रेलवे फाटक में आद्या कलेक्शन नामक रेडीमेड कपड़े का कारोबार करने वाले मुन्ना सिंह की महज 10 बरस की बेटी आराध्या सिंह भले ही सेंट जेवियर स्कूल में कक्षा चौथी की छात्रा हैं, लेकिन शास्त्रीय गायन की सभी विधाओं की बारीकियों से वह इतनी वाकिफ हैं कि बड़े बड़ों को मात देने की क्षमता रखती हैं। रायगढ़ के चक्रधर कला संगीत महाविद्यालय में 4 वर्ष से शास्त्रीय गायन की तालीम लेने वाली आराध्या सिंह 31 अगस्त को चक्रधर समारोह के गरिमामय मंच पर शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देकर न केवल लोगों की तालियां बटोरेगी, बल्कि दिल से स्नेह रूपी आशीर्वाद भी अपने नाम करेगी।
मात्र 10 साल की कच्ची उम्र में चक्रधर समारोह जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में आराध्या को मौका मिलने से लोचन नगर निवासी पिता मुन्ना सिंह और माता श्रीमती कंचन सिंह को गर्व है। वहीं, आराध्या को संगीत की शिक्षा दीक्षा देने वाली कलागुरु चंदा देवांगन को भी फक्र है कि उनकी लाडली शिष्या आज उनका नाम रोशन कर रही हैं। शास्त्रीय गायन के साथ हारमोनियम वादन में माहिर आराध्या विगत माह बिलासपुर में आयोजित नाद मंजरी में अव्वल आकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं तो डीपीएस के प्रोग्राम में द्वितीय पुरस्कार अपने नाम कर अपना दमखम दिखा चुकी हैं। यही कारण है कि चक्रधर समारोह में शास्त्रीय गायन से गर्वीली प्रस्तुति देने वाली आराध्या भविष्य में अपना पृथक पहचान बनाते हुए कला जगत की चमकता सितारा बनने की चाह रखती हैं।