Home रायगढ़ न्यूज संतोषी मंदिर में लगता है बागेश्वर धाम सरकार की तरह दरबार

संतोषी मंदिर में लगता है बागेश्वर धाम सरकार की तरह दरबार

by SUNIL NAMDEO

गोड़म में पं. अजय उपाध्याय पर्चा लिखकर बताते हैं लोगों की मन की बात प

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। पं. अजय उपाध्याय निवासी चित्रकूट धाम वर्तमान में ग्राम गोड़म (जिला सारंगढ़) के संतोषी माता मंदिर में दरबार लगाकर लोगों की  न केवल समस्याओं का पर्चा बना रहे हैं, बल्कि समाधान और उपाये भी बता रहे हैं। उन्हें माता संतोषी और हनुमान की कृपा है। वे कहते हैं कि हनुमान की कृपा है। हनुमान जो लिखवाते और उपाए बताते हैं, उसे हम भक्तजनों को बताकर मार्ग प्रशस्त करते हैं।

               मीडिया टीम ग्राम गोड़म के संतोषी माता मंदिर में जाकर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की तरह दरबार लगाकर पर्चा लिखने वाले पंडित अजय उपाध्याय के दरबार पहुंची। उनकी सिद्धि और पर्चे पर सवाल करने वाले के पूछने से पहले पर्चा में मन की बात को लिखते हुए अक्षरशः सत्य बताना किसी अचंभा से कम नही था। समस्या और उसका समाधान मुस्कुराते हुए एकदम सरल शब्दों में बताकर सामने बैठे ब्यक्ति को संतुष्ट करना सबके लिये आश्चर्य अनुभव था। कई लोगों को हमारे सामने उनके मन के विचार, समस्या, जिज्ञासा को बिना बताए पर्चे में लिखकर बता देना, हमारे मन की जिज्ञासा को बढ़ा देना रहा। पत्रकारों ने भी मन मे प्रश्न रखकर उनसे अपने बारे में जानना चाहा किंतु आरती का समय हो गया और दरबार को विराम दिया गया। मंदिर के सहायक पंडित ने हमारा नाम लिखकर दूसरे दिन दरबार मे शामिल होने कहा। आरती पश्चात पंडित से हमने मुलाकात किया और उनसे चर्चा की।

                      पं. अजय उपाध्याय ने बताया कि वे चित्रकूट धाम से हैं। वर्तमान में गोड़म में है जो सारंगढ़ से 13 किलोमीटर एवं चंद्रपुर से 9 किलोमीटर की दूरी पर रायगढ़ से सारंगढ़ रोड के बीच स्थित गांव है। वे संतोषी माता के मंदिर में बैठते हैं। उनके पिताजी भी पर्चा का कार्य करते थे। आज भी वह देखते हैं, लेकिन जब से हम पर्चा बनाना आरंभ किया तो वे कम कर दिए हैं। चित्रकूट में पिताजी दरबार लगाते थे। एक गांव है पहाड़ी, वहां भी बहुत भीड़ लगती थी। उसके बाद उन्होंने गुरुकुल में पढ़ाई की। श्री राम संस्कृत महाविद्यालय में पढ़ाई कर बाल्य काल से ही उनकी रुचि धार्मिक आस्थाएं माँ देवी, हनुमान जी महाराज की ओर आकर्षित हुई। उनकी भक्ति की। 3 वर्ष से दरबार लगाकर पर्चा का काम वे कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम) भी अच्छा कार्य करते हुए सनातन का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। जब उन्होंने पर्चा बनाना शुरू किया, तब 100 से 150 आदमी आ रहे थे। वर्तमान में 200 से 300 लोग आ रहे हैं। अधिकांश की समस्या दूर हो रही है, समाधान हो रहा है। यह निःशुल्क सेवा है और जीवन पर्यंत इसे करते हुए सनातन का प्रचार करेंगे।

                           अर्जी के लिए लाल कपड़े में नारियल बांध सकते हैं। यदि किसी को प्रेत बाधा की समस्या है तो काले कपड़े में नारियल बांध सकते हैं। नारियल बांधने के बाद संतोषी माता के मंदिर में राम नाम का जप एवं ध्यान करना पड़ता है। सबका नंबर क्रम से आता है। कई लोगों को वे नाम से भी पुकारते हैं। वे सप्ताह में 5 दिन दरबार लगाते हैं। रविवार एवं सोमवार को दरबार बंद रहता है। उस दिन भक्तों को ताबीज और भभूति वितरण किया जाता है। सुबह 8:30 से 12 बजे एवं दोपहर 3 से 6:30 बजे तक दरबार का समय रहता है। उसके पश्चात माताजी की आरती होती है।

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