Home विविध बेटी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर परिजन बैठे धरने पर

बेटी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर परिजन बैठे धरने पर

by SUNIL NAMDEO EDITOR

रायगढ़। आदिवासी छात्रावास से निकली छात्रा की प्रेमी के घर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बहुचर्चित मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने पर पीड़ित परिवार ने अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा में दिनभर धरना दिया।

                                                                    
                                                     छाल थानांतर्गत ग्राम चिंतापाली के सारथी परिवार की महिलाएं शनिवार सुबह रायगढ़ पहुंचीं और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लगे गांधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाथों में तख्ती लिए परिवार के हरेक सदस्य की आंखों में पुलिस से इंसाफ पाने की उम्मीद दिख रही थी। दरअसल, छात्रा की प्रेमी के घर में संदिग्ध अवस्था में लाश मिली थी, मगर अबतक इसमें पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। पुलिस पर आरोपी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार के पीड़ित परिवार के सदस्य दिनभर गांधी प्रतिमा के सामने अपनी दिवंगत बेटी की तस्वीर लेकर बैठे रहे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देते दावा कि इस मामले में बालिका के हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में बिसरा जांच के लिए बिलासपुर भेजा गया है। ​शिकायत के बाद आरोपी को थाने लाया गया है।         
                               


                                                  पीड़ित अमीलाल सारथी पिता स्व. तुलसीराम सारथी ने पत्रकारों को बताया कि उसकी नाबालिग बेटी हाटी के कन्या छात्रावास में रहते हुए कक्षा 11वी की पढ़ाई गर्वनमेंट हायर सेकेन्डी स्कूल हाटी में नियमित छात्रा के रूप में कर रही थी। छात्रा कुछ दिनों के लिए अपने गांव चितापाली आई थी।  विगत 3 जनवरी को छात्रावास में पुत्री को छोड़कर पिता घर वापस गया था। 8 जनवरी को काफरमार के कोटवार ने छात्रा के गांव में मौत हो जाना बताया। बदहवास परिजन जब मौके पर पहुंचे तो संजय राठिया के घर के बरामदे में बालिका की लाश नग्न अवस्था में खाट में पड़ी थी। उसके दोनों पैर के घुटने पर व गले पर चोट के निशान दिख रहा था। यही नहीं, मृतिका के बाएं पैर के नीचे भाग टूटा दिख रहा था। उसके गले में रस्सी के निशान दिख रहे थे। मुंह से खून का निशान दिख रहा था।     
                           अमीलाल की माने तो उसने राठिया परिवार से पूछताछ की तो उन्होने बताया कि बालिका को युवक संजय राठिया छात्रावास से 7 जनवरी को भगा ले आया था, जहां जहर सेवन कर आत्महत्या कर लिया है। ऐसे में परिवारवालों ने रेप और हत्या का आरोप लगाते हुए घटना की रिपोर्ट जोबी चौकी में की, मगर पुलिस ने अबतक अपराध दर्ज नहीं किया गया है। ढाई माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो तो परिजन शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे औरआरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। नगर कोतवाल की समझाईश और उच्चाधिकारी द्वारा मामले में निष्पक्ष जांच का वादा करने के बाद ही सारथी परिवार शांत हुआ।

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